हमें जीवन में कई बार ऐसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिनसे बाहर निकलना मुश्किल सा लगता है। खासकर जब हम किसी पुराने दर्द से जूझ रहे होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे हर रास्ता बंद हो गया हो। लेकिन कभी-कभी, सही सही दिशा में एक कदम बढ़ाना हमारी जिंदगी को पूरी तरह से बदल सकता है। ऐसी ही एक कहानी है वेद प्रकाश जी की, जो 67 वर्ष के व्यापारी हैं और अनाज मंडी संभालते हैं। पेठिया बाजार, दानापुर कैंट में रहने वाले वेद प्रकाश जी के लिए घुटनों का दर्द और सूजन एक बड़ी समस्या बन गई थी। वह सालों तक इस समस्या से जूझते रहे, लेकिन अंततः उन्हें एक ऐसा आसान तरीका मिला , जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। चलिए जानते हैं वेद प्रकाश जी की दर्द भरी कहानी और उस नुस्खे के बारे में जिससे उन्हें फायदा मिला।
वेद प्रकाश जी की सच्ची कहानी जानिए यहां?
वेद प्रकाश जी बहुत ही सज्जन व्यक्ति हैं। वह अनाज मंडी में एक व्यापारी हैं, उनके 4 बेटे हैं, जिनमें से दो बेटे सरकारी पदों पर काम कर रहे हैं। वेद प्रकाश जी की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है, जो लंबे समय से किसी न किसी दर्द से परेशान हैं। दरअसल वह 3-4 साल से घुटनों के दर्द और सूजन से परेशान थे, समय के साथ उनका दर्द बढ़ता ही चला गया । दर्द इतना असहनीय हो गया था कि उन्हें उठने-बैठने और चलने-फिरने में मुश्किल होती थी। वे कभी सीधा खड़ा नहीं हो पाते थे और झुक कर काम करने में भी असमर्थ थे। उन्हें अपने घर से दुकान तक पैदल ही जाना होता था। उनके एक घुटने में दर्द इतना ज्यादा बढ़ गया था कि वह लंगड़ाकर चलने के लिए मजबूर हो गए थे। उन्होंने दानापुर से लेकर पटना तक कई डॉक्टरों को दिखाया। बावजूद इसके उन्हें राहत नहीं मिल रही थी।
जिसके बाद एक डॉक्टर ने एमआरआई करके उन्हें बताया कि उन्हें जोड़ों से जुड़ी दिक्कत हो गयी है। यह सुनकर वे और भी ज्यादा निराश हो गए थे, क्योंकि डॉक्टर ने ऑपरेशन का सुझाव दिया, लेकिन वेद प्रकाश जी ऑपरेशन नहीं कराना चाहते थे। उन्होंने दवाइयों का सहारा लिया, जिससे दर्द कुछ समय के लिए तो कम होता था, लेकिन दवा बंद करते ही दर्द वापस आ जाता था।
हकीम सुलेमान खान साहब से जुड़ने के बाद कैसे बदली जिंदगी?
वेद प्रकाश जी की समस्या हल नहीं हो रही थी, लेकिन उनकी जिंदगी में एक मोड़ तब आया जब उन्होंने एक दिन टीवी पर हकीम सुलेमान खान साहब का बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी देखा। हकीम साहब इस प्रोग्राम में जोड़ों के दर्द के लिए यूनानी नुस्खों के बारे में बता रहे थे। ऐसे में यह कार्यक्रम उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर आया। इस प्रोग्राम के जरिए उन्हें पता चला कि कई लोग हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को अपनाकर सालों पुरानी समस्या से राहत पा चुके हैं। इसी के चलते वेद प्रकाश जी को हकीम साहब पर विश्वास हुआ और उन्होंने हकीम साहब की यूनानी बूटी को अपनाने का निर्णय लिया। जिसके बाद स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर संपर्क कर वेद प्रकाश जी ने हकीम साहब से सुझाव लिया और उन्हें जोड़ों का दर्द कम करने के लिए यूनानी बूटी गोंद सियाह के बारे में बताया गया। फिर क्या था बिना किसी देरी के उन्होंने ATIYA HERBS की ऑफिसियल वेबसाइट से गोंद सियाह मंगा लिया और इसका सेवन करना भी शुरु कर दिया।
किन समस्याओं का करना पड़ा वेदप्रकाश जी को सामना?
- घुटने में असहनीय दर्द और सूजन की वजह से बढ़ी तकलीफें।
- उठने-बैठने, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी, और लंगड़ाकर चलने के लिए मजबूर थे।
- कई डॉक्टरों को दिखाने के बावजूद दर्द में राहत मिलने की उम्मीद नहीं थी।
गोंद सियाह के सेवन से शुरु हुआ जिंदगी में बदलाव, आखिर कैसे?
गोंद सियाह के सेवन से वेद प्रकाश जी को धीरे-धीरे बदलाव महसूस होने लगा। उन्होंने हकीम साहब के निर्देशों के अनुसार हर दिन सुबह और शाम एक-एक चुटकी गोंद सियाह का सेवन करना जारी रखा। कुछ महीनों बाद, उनका दर्द लगभग पहले से कम हो गया और सूजन भी कम हो गई। अब उनकी दिनचर्या बहुत ही सामान्य हो गई है। वह रोजाना अपने घर से दुकान तक पैदल जाते हैं। वे बिना किसी परेशानी के सीढ़ियां चढ़ने लगे हैं और पहले की तरह अपना काम भी करते हैं। पहले जो काम वे बड़ी मुश्किल से कर पाते थे, अब वह सभी काम बड़े ही आसानी से करने लगे हैं। गोंद सियाह ने उन्हें सिर्फ शारीरिक राहत ही नहीं दी, बल्कि मानसिक रूप से भी एक नई ऊर्जा प्रदान की, जिससे उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया है।
गोंद सियाह के असर से न केवल घुटने का दर्द कम किया है, बल्कि वेद प्रकाश जी की पूरे शरीर की सेहत में भी सुधार आया है। इससे जोड़ों की समस्या, सूजन और असहनीय दर्द में भी कमी आई, जिससे उनकी गतिशीलता में भी काफी सुधार हुआ। पहले जो काम उन्हें करने में घंटों लगते थे, अब वह उन्हें जल्दी और बिना दर्द के कर पाते हैं। इसके अलावा, वह अब अपनी दैनिक गतिविधियों को पहले की तुलना में बेहतर तरीके से निभाते हैं और पहले से कहीं अधिक सक्रिय महसूस करते हैं।
कहानी से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:-
- अब वेदप्रकाश जी नहीं है किसी सहारे के मोहताज।
- घुटनों के दर्द में मिली राहत से बेहतर हुआ इनका जीवन।
- अब सीढ़ियां चढ़ना, उठना-बैठना हुआ आसान, नहीं होती पहले जैसी तकलीफ।
लोगों को देते हैं यूनानी बूटी अपनाने की सलाह
वेद प्रकाश जी अब पहले की तरह एकदम स्वस्थ हैं और अपनी अच्छी सेहत और बेहतर जिंदगी का सारा श्रेय यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को ही देते हैं। वह हकीम साहब के बारे में लोगों को बताकर देसी और यूनानी बूटी के बारे में भी बताते हैं। वो कहते हैं कि गोंद सियाह से उन्हें काफी आराम मिला है। जहां उन्होंने हार मान ली थी पर अब दर्द में राहत मिलना संभव हो पाया है। वह चाहते हैं कि हकीम साहब इसी तरह लोगों की मदद करते रहें ताकि जैसे उन्हें आराम मिल सका है वैसे ही और लोगों को भी आराम मिल पाए।
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रख सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



