बुढ़ापे में अगर तकलीफ हो जाए तो जिंदगी गुजारना काफी मुश्किल हो जाता है। बुज़ुर्गों में अक्सर थकान जल्दी होना, साँस फूलना, सीने में हल्का दर्द या तेज धड़कन जैसी दिक्कतें देखने को मिलती हैं। ऐसे समय में रोज़मर्रा का जीवन थोड़ा मुश्किल लग सकता है। लेकिन सही देखभाल, संतुलित दिनचर्या आपको स्वस्थ और सेहतमंद बना सकती है। ऐसी ही कहानी है दिल्ली के करोलबाग में रहने वाली उमा शर्मा जी की जो दिल की समस्या से काफी परेशान थी उनकी ये परेशानी इतनी बढ़ गई थी कि डॉक्टर ने स्टैंड लगाने की सलाह दे दी थी। इसी बात से चिंतित होकर उनके लिए जिंदगी गुजारना काफी मुश्किल हो गया लेकिन एक दिन ऐसा आया कि उन्हें अपनी इस समस्या से राहत पाने का रास्ता दिखा और वो था यूनानी नुस्खा। चलिए जानते हैं कि कैसे हकीम जी के नुस्खों की मदद से उमा शर्मा बेहतर हो पाई?
जानिए उमा शर्मा जी के बारे में?
दिल्ली के करोल बाग की रहने वाली उमा शर्मा जी की उम्र 75 वर्ष है। वे अपने छोटे से हँसते खेलते परिवार के साथ बिल्कुल खुश हैं। उनके पति का करीब दो साल पहले निधन हो गया था। परिवार में उनके साथ उनके दो बेटे और उनकी बहुँए रहती हैं। दोनों बेटे इंजीनियर हैं। बड़े बेटे की बहु अध्यापक हैं। साथ ही उमा शर्मा जी की दो बेटियाँ भी हैं। जिनकी शादी हो चुकी है। उमा शर्मा जी एक सम्मानित गृहिणी हैं। आस पास के लोग उनकी काफी इज्जत और सम्मान करते हैं। साथ ही वह सरल और दयालु प्रवृत्ति की महिला भी हैं। यदि उनके आस पास या रिश्तेदारों में कहीं भी मदद की जरूरत पड़ती है तो वह खुद सबसे पहले आगे आती हैं। लेकिन क्या पता था कि उनकी खुशियों को किसी की नजर लग जाएगी।
आखिर कौन-सी दिक्कतों से इन्हें गुजरना पड़ा?
आपको बता दें उमा शर्मा जी को सबसे पहले शरीर में दर्द की समस्या बढ़ी। जब भी कभी अचानक से दर्द होता तो वे दवाई खा लेती और दर्द से राहत मिल जाती। लेकिन दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था। ये समस्या तो जीवन के साथ-साथ चल ही रही थी कि उन्हें दिल की परेशानी भी हो गयी। पहली परेशीनी के चलते उमा जी परेशान तो थीं ही लेकिन इस दिल की समस्या के आने के बाद वे ज्यादा परेशान हो गयीं। इसकी वजह से उनकी रोजाना कि जिंदगी पर काफी प्रभाव देखने को मिला। ऐसे में उन्हें सांस लेने में भी काफी तकलीफ होती थी। कई सारे डॉक्टरों को जब उमा जी ने दिखाया तो उन्हें ऑपरेशन कराके स्टैंड लगवाने की सलाह दे दी गई। घबराई हुई उमा शर्मा सारा-सारा दिन यही सोचती रहती थी कि अगर उनकी ये समस्या कभी सही नहीं हुई तो वो क्या करेंगी? उनके इस मुश्किल समय में परिवार वालों ने उमा जी का पूरा ख्याल रखा। सभी उनकी देख रेख बहुत ही प्यार से करते हैं। पर किसी ने भी हार नहीं मानी और उमा जी को धीरे धीरे स्वस्थ करने में लग गए। सभी लोग यही चाहते थे कि अब वो पहले कि तरह अपनी जिंदगी गुजारे और हमेशा स्वस्थ रहें। किसी ने सही कहा है कि जिंदगी में दुख और सुख हमेशा बने रहते हैं बस हमारे लिए जरूरी है ऐसे कठिन समय में खुद की सेहत का ख्याल रखना।
उमा जी के जीवन में आई कुछ खास समस्याएं:
- दिल की परेशानी की वजह से हुई बेहद लाचार।
- कई सारी अन्य समस्याओं जैसे शरीर दर्द की वजह से भी बढ़ी तकलीफे।
- उमा शर्मा जी को डॉक्टर ने ऑपरेशन से स्टैंड लगवाने की सलाह दे दी।
उमा शर्मा जी को कैसे पता चला यूनानी नुस्खों के बारे में?
वो कहावत तो सही है कि जब मनुष्य के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो ऊपरवाला उसकी सहायता करने के लिए कोई ना कोई रास्ता निकाल ही देता है। इसी तरह से उमा जी की जिंदगी में भी एक फरिश्ता आया। वो और कोई नहीं यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब थे। उमा जी अपने घर पर ही रहा करती थी। एक दिन टीवी देखते हुए उन्होंने हकीम सुलेमान खान का बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी देखा। उमा जी ने देखा हकीम साहब के घरेलू नुस्खों से लोगों को काफी आराम मिल रहा है। यह सब देख उमा जी हकीम साहब से बहुत ही प्रभावित हुईं। बस फिर क्या था उस दिन से ही उमा जी ने मन बना लिया कि वो यूनानी बूटी का इस्तेमाल जरूर करेंगी। अब उमा शर्मा जी रोजाना नियमित रूप से हकीम जी का शो सेहत और जिंदगी देखने लगीं। तभी से उमा जी को भी सही होने की नई उम्मीद सी दिखने लगी। ऐसे में हकीम जी के शो में पहली बार उन्होंने दिल की समस्या के लिए यूनानी नुस्खें सुनें। जिसमें जैतून के सिरके का भी नाम बताया जा रहा था। जिसके बाद बिना किसी देरी के उमा जी ने ATIYA HERBS से जैतून का सिरका मंगवाया और पूरे नियमों के अनुसार जैसे जैसे हकीम साहब ने बताया था उसकी के अनुसार उसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। हकीम जी के बताए गए यूनानी नुस्खों के साथ जैतून के सिरका का सेवन करने पर कुछ ही समय में उमा जी को अपने शरीर में फर्क महसूस होने लगा। शरीर में जो समस्या का बोझ उन्हें लग रहा था, धीरे-धीरे हल्का होने लगा। उन्हें खुद भी दिल की ब्लॉकेज की समस्या में आराम मिलने लगा। तब से उमा शर्मा जी ने लगातार इन नुस्खों का सेवन कर रही हैं। इसके अलवा उनका शरीर दर्द जो पहले उनकी परेशानी था उसमें भी उन्हें काफी आराम मिला है। ये सब कुछ सिर्फ हकीम जी की मदद से ही संभव हो पाया है।
बुढ़ापे में आया जिंदगी में बदलाव अब बिता रही हैं खुशहाल जीवन
हकीम जी के इन सभी नुस्खों ने उनका जीवन काफी सरल बना दिया है। जिसकी वजह से करीब 4 महीने बाद जब उमा जी ने चेकअप कराया तो डॉक्टर्स थोड़े हैरान से हो गये। उन्होंने बताया कि मां जी आपका कॉलेस्ट्रोल, ब्लॉकेज सब कुछ पहले से कम हो गया है। आप पहले से स्वस्थ हैं। उमा जी को देखकर मौजूद लोग काफी प्रभावित हुए और सभी उमा जी से यूनानी बूटी के बारे में पूछने लगे। ऐसे में कई लोगों को नसों के थायराइड़ की समस्या थी। तो उमा जी ने उन्हें इससे जुड़े नुस्खे बताए। आज उमा जी से करीब 10 से 12 लोग जुड़े हुए हैं जिन्हें हकीम जी की बूटी से काफी आराम मिला है। अब उमा जी के साथ-साथ उनका पूरा परिवार हकीम जी के नुस्खे अपना रहा है। साथ ही उमा जी अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी इनके इस्तेमाल करने की सलाह देतीं हैं। आज जो उमा जी खुशहाल जीवन बिता रही हैं उसका सारा श्रेय वो हकीम साहब को ही देती है क्योंकि अगर आज वो इनकी बूटी का सेवन नहीं करती तो वो स्वस्थ न हो पाती।
जैतून का सिरका क्या है?
हकीम सुलेमान साहब का जैतून का सिरका विभिन्न रोगों जैसे मधुमेह नियंत्रण, पाचन, गैस्ट्रिक से संबंधित समस्या, लिवर से संबंधित समस्या, गुर्दे से संबंधित समस्या, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की समस्या के लिए एक आदर्श हर्बल उपचार है। हकीम साहब के अनुसार जैतून का सिरका शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए काफी असरदार है। शुगर के लिए यह सिरका फायदेमंद है। जैतून का सिरका पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक है। इसके इस्तेमाल से किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या हकीम साहब की कंपनी के डॉक्टरों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
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011 6120 5545
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