जिंदगी में कब किसको कौन सी कठिनाईयों का सामना करना पड़ जाए, इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। उम्र के पड़ाव में कभी न कभी ऐसी परेशानियां आती ही है। आज के बदलते दौर में हमारी लाइफस्टाइल में काफी बदलाव आ गए है। जिससे हमारे शरीर में कई तरह की दिक्कतों ने घर बना लिया है। कई लोगों को शरीर में दर्द, घुटनों में दर्द और रीढ़ की हड्डी में समस्याएं होने लगी है। एक समय था जब लोग कहते थे कि बुढ़ापे में ही जोड़ों का दर्द जैसे – घुटनों का दर्द, कमर का दर्द परेशान करता है, लेकिन आजकल बदलते हुए खान पान, व्यस्त और तनाव भरे जीवन में बुढ़ापे में इन परेशानियों को सहना और भी मुश्किल सा लगने लगा है। ऐसे ही एक व्यक्ति है सयैद हसन शाह जी जिन्हें बुढ़ापे में कमर से जुड़ी रीढ़ की हड्डी की समस्या का सामना करना पड़ा। वह उठने-बैठने से भी लाचार हो गए थे।
उन्हें हर समय दर्द की समस्या बनीं रहती थी क्योंकि उनकी रीढ़ की हड्डी की तीनों डिस्क दब गई थी। जिस वजह से वह उठ भी नहीं पाते थे एक तो बुढ़ापा ऊपर से कमर से जुड़ी रीढ़ की दिक्कत मानों उनके जीवन में कई सारी परेशानियां एक साथ आ गई हो। वह हर जगह से नाउम्मीद हो चुके थे कि आखिर कैसे उन्हें दर्द में राहत मिल पाएगी पर शायद जिंदगी को कुछ और ही मंजूर था क्योंकि उन्हें मिला हकीम जी का कामयाब नुस्खा। आइये जानते हैं कि कैसे उनकी ये परेशानी कम हुई?
आखिर कौन है सयैद हसन शाह? जानें इनकी भावुक कर देने वाली कहानी
80 साल के सयैद हसन शाह जी हैदराबाद के चंद्रायणगुट्टा कुमावड़ी में रहते है। जहां वह अपने परिवार के साथ रहते है। पेशे से वह पहले पुलिस डिपार्टमेंट में काम करते थे और स्पोर्ट्स में भी इन्होंने काम किया था। लेकिन इतनी फिटनेस भरी जिंदगी गुजारने के बाद भी उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आएगा जब उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। दरअसल उन्हें कमर की रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या हो गई, जिसकी वजह से उन्हें चलने में और उठने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एक समय तो ऐसा था जब उनके बच्चे घर में पकड़-पकड़ के उन्हें बाथरूम ले जाया करते थे। उनका पूरा जीवन दर्द और दवाइयों के बीच सिमटकर रह गया था। यही वजह थी कि उन्हें कोई भी काम करने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती थी। आपको बता दें जब उनका दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया तो उन्होंने डॉक्टर पर जाना सही समझा। लेकिन डॉक्टरों के पास जाने के बावजूद उन्हें बिल्कुल फायदा नहीं हुआ। वह बताते है कि उसके बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई थी। उन्हें नमाज पढ़ने में भी दिक्कत होती थी। यहां तक की अब वह सीढ़िया भी नहीं चढ़ पाते थे। ऐसा लगने लगा था कि मानों उनके लिए सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। अब उन्हें लगने लगा था कि वह कभी सही नहीं हो पाएंगे। उनका बुरा वक्त जाने का नाम नहीं ले रहा था, लेकिन कहते है अगर बुरा वक्त आया है तो अच्छा वक्त भी ज़रूर आएगा। ऐसा ही सयैद हसन शाह जी के साथ हुआ उन्हें यूनानी बूटी के बारे में पता चला और उससे उनका जीवन ही बदल गया,तो आइए जानते है सयैद हसन शाह जी ने हकीम जी कौन-सी बूटी के इस्तेमाल से खुद को सही किया और अपना जीवन स्वस्थ किया।
कहानी से जुड़े अहम बिंदु:-
- रीढ़ की हड्डी के दर्द की वजह से उठना-बैठना और चलना हुआ मुश्किल।
- बुढ़ापे में भी बनी रही इन्हें स्वस्थ होने की उम्मीद।
- डॉक्टर के चक्कर काटकर हुए काफी परेशान नहीं मिला आराम।
हकीम सुलेमान खान साहब के नुस्खे बने जिंदगी जीने की नई वजह
आपको बता दें एक दिन जब रोजाना की तरह सयैद हसन शाह जी टी.वी देख रहे थे तो उनकी नज़र टी.वी के चर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी। जहां उनकी मुलाकात मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब से हुई। वह इस शो में सभी को उनकी समस्याओं के लिए जड़ी-बूटी बता रहे थे। ऐसे में शो के दौरान सभी की सच्ची कहानियां देखकर सयैद हसन जी को भी सही होने की उम्मीद जागी कि वह अच्छे हो सकते हैं, तो उन्होंने देर ना लगाते हुए स्क्रीन पर दिखाए नंबर पर कॉल किया और अपनी समस्या को बताया। हकीम साहब की टीम ने सयैद हसन जी की परेशानी को सही से समझा और सुना जिसके बाद उन्हें गोंद सियाह खाने की सलाह दी गई। सयैद हसन जी ने हकीम साहब की बात सुनकर गोंद सियाह को ATIYA HERBS की वेबसाइट से ऑर्डर किया और निर्देश अनुसार नियम से लेना शुरू किया। इसे वह सुबह-शाम, एक-एक चुटकी लिया करते थे। जिसके बाद कुछ ही दिनों में उन्हें असर दिखने लगा। फिर कुछ ही महीने में उन्हें अपनी परेशानी में कहीं न कहीं आराम होता दिखाई देने लगा। जब इन्हें अपनी कमर की परेशानी फायदा मिलने लगा तो इन्होंने हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को भी अपने जीवन में अपनाना शुरू कर दिया। इसके अलावा सयैद हसन शाह जी ने अपने परिवार के सदस्यों को भी हकीम जी के नुस्खे अपनाने की सलाह दी। 6 चीजों वाला नुस्खा उन्हें मुहंजबानी याद है जिसे वो अपने परिवार के लोगों को बताते हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी ने भी शुगर की दिक्कत के लिए हकीम जी की बूटी को अपनाया और इससे उन्हें भी आराम मिला। यही देखकर उनका पूरा परिवार हकीम जी का मुरीद हो गया।
सयैद हसन शाह जी को मिला दर्द में आराम, कैसे?
- गोंद सियाह बढ़ते दर्द में बना सहारा।
- हकीम जी की बूटी से कुछ ही दिनों में लगने लगा आराम।
- पहले जहां वह चलन नहीं पाते थे पर अब कर लेते हैं सारे काम ।
परिवार के लोग अब हो गए हैं बेफिक्र
घुटनों के दर्द में फायदा मिलने से उनका परिवार बहुत खुश हैं। पहले वह सयैद हसन शाह को लेकर हर समय चिंतित रहते थे पर अब पूरी तरह से बेफिक्र हो गए हैं। जहां एक कदम चलने के लिए उठने-बैठने के लिए उन्हें सहारे की जरूरत पड़ती थी पर अब ऐसा नहीं है। उनकी उम्र को देखते हुए कोई इस बात से अंदाज नहीं लगा सकता कि उन्हें इतनी आसानी से आराम मिल सकता है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि अपने बुढ़ापे में भी उनकी हिम्मत नहीं टूटी। उनके जितना भी भयंकर दर्द क्यों न हो पर उन्होंने, कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। इससे हम इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर हम सही जीवनशैली अपनाते हैं, तो अपने जीवन को पहले जैसा खुशहाल बना सकते हैं। वो कहते हैं न परिवार का साथ हर इंसान की हिम्मत बन जाता है शायद उनके साथ भी ऐसा ही था क्योंकि बिना परिवार के साथ के दर्द से राहत पाना नामुमकिन था।
सयैद हसन शाह जी रीढ़ की हड्डी के दर्द से राहत पा चुके है। उन्हें अब चलने में काफी आसानी होती है। यहां तक की अब उन्हें करवट बदलने में भी दिक्कत नहीं होती है। आज वह हकीम साहब के लिए कहते है कि जो वह काम कर रहे है उसके लिए बड़ा दिल चाहिए। जैसे उन्होंने मेरी मदद की वैसे ही सभी की मदद करें और स्वस्थ रहें। आज वह अपने स्वस्थ होने का श्रेय हकीम साहब को देते है और तेह दिल से शुक्रिया अदा करते है।
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रख सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



