हमने ये तो सुना है हर अनुभव हमें कुछ नया सिखाता है, चाहे वह खुशी हो, दुख हो ऐसे में अगर हमारे जीवन में चुनौतियां आ जाएं तो कई सारी तकलीफों का सामना भी अकेले ही करना पड़ सकता है। लखनऊ के रहने वाले सुरेश जी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि हालात कितने भी खराब क्यों न हो हमें कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। दरअसल उनके जीवन में कई सारी समस्याएं थी पर इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और डटकर उन परेशानियों का सामना किया। दरअसल उन्हें एड़ी का दर्द, पाइल्स की दिक्कत और बीपी जैसी परेशानी थी पर इतनी सारी तकलीफें होने के बाद भी उन्होंने इन सारी समस्याओं से राहत पाई। आइये जानते हैं कि कैसे उन्हें अपनी समस्याओं से आराम मिला और उन्होंने हकीम जी की कौन-कौन सी बूटी को अपनाया? चलिए जानते है उनकी पूरी कहानी के बारे में।
कौन हैं लखनऊ के सुरेश जी?
लखनऊ के रहने वाले सुरेश जी की उम्र 68 साल है। वे अपने परिवार के साथ काफी खुश रहते हैं। उनके परिवार की बात करें तो उनके परिवार में उनकी माता जी, पत्नी, तीन बेटे हैं और बड़े बेटे की दो बेटी रहती हैं। उनके पिताजी और बड़े बेटे का देहांत हो गया है। उनका एक बेटा प्राइवेट जॉब करता है और दूसरा बेटा वकालत करता है। वह काफी सज्जन और दयालु स्वभाव के व्यक्ति हैं ये उनके बातचीत के ढंग से ही पता चलता है। दूसरों की मदद करने के लिए वह हमेशा आगे रहते हैं इसलिए लोग उनके स्वभाव की चर्चा हमेशा करते हैं। परिवार की जिम्मेदारियों को भी वह बखूबी निभाते आ रहे हैं पर परिवार को देखते हुए उन्होंने अपनी चिंता करना छोड़ दिया जिसकी वजह से उन्हें कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किन परेशानियों का इन्हें करना पड़ा सामना?
सुरेश जी को बवासीर और हड्डी के दर्द की समस्या हो गयी थी। अपनी समस्या के लिए पहले उन्होंने हर जगह दिखाया लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पायी। कई दिनों तक काफी डॉक्टरों को भी दिखाया इससे थोड़े समय के लिए उन्हें आराम तो मिल जाता लेकिन समस्या कुछ समय बाद वैसी की वैसी ही बनी रहती। बवासीर की तकलीफ इतनी बढ़ गई की उनके खून आना शुरू हो गया था। काफी उपचार कराया लेकिन खून आना बंद नहीं हुआ। इससे वह काफी ज्यादा परेशान हो गये थे। इसके अलावा उन्हें हड्डी का दर्द भी काफी परेशान कर रहा था जिसकी वजह से उन्हें चलने-फिरने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अब वह क्या करेंगे? जब कहीं से कोई आराम नहीं मिल रहा था तो उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि वह कभी स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी गुजार पाएंगे। एक तो पाइल्स और एड़ी में होने वाला हड्डी का दर्द ऊपर से सालों पुरानी बीपी की समस्या भी ऐसे में परेशानियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था। सुरेश जी बताते हैं कि उन्हें अपने काम करने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। ऐसे में उनके लिए ये समझना काफी मुश्किल हो रहा था कि करे तो क्या करें वो कहते हैं सुख और दुख जीवन में चलते रहते हैं बस जरूरी है अपने सही समय का इंतजार करना। यही सुरेश जी भी कर रहे थे ताकि वो भी एक खुशहाल जिंदगी गुजार पाएं।
इनका तकलीफों से भरा रहा जीवन-
- बवासीर और एड़ी में होने वाले दर्द ने बढ़ाई इनकी मुश्किलें।
- कई सारे डॉक्टरों को दिखाया पर आराम नहीं मिला।
- परिवार वाले भी परेशानियां देखकर सुरेश जी के लिए हुए चिंतित
हकीम साहब से जुड़कर सुरेश जी के जीवन में आया नया मोड़
आपको बता दें सुरेश जी से एक दिन मिलने उनके घर लखनऊ के ही रहने वाले आर.बी.वर्मा जी आये। दरअसल वर्मा जी सुरेश जी के बहनोई हैं, तो उन्होंने उनकी हालत देखी जिसे देखकर वह काफी भावुक हो गए कि आखिर उनके साथ ऐसा हुआ कैसे? उन्हें इतनी परेशानी में देखकर वर्मा जी ने सुरेश जी की तकलीफों को समझा। जिसके बाद सुरेश जी को आर.बी वर्मा जी ने यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब के घरेलू नुस्खों को इस्तेमाल करने की सलाह दी। सुरेश जी ने तुंरत वर्मा जी के कहने पर ATIYA HERBS से अपने लिए कई बूटी को ऑर्डर किया। जिसमें नमक जैतून, जैतून सिरका, और गोंद सियाह शामिल था। फिर क्या था सुरेश जी ने बिना किसी देरी के हकीम जी के दिशा-निर्देश अनुसार उसका सेवन किया औऱ थोड़े ही समय में उन्हें फायदा मिलना शुरू होने लगा। पाइल्स की प्रॉब्लम में हकीम जी का सबसे मशहूर छः मसालों से बने घरेलू नुस्खे के साथ नमक जैतून का सेवन करने से उन्हें पाइल्स में काफी राहत मिल गई।
इसके साथ ही उन्हें बीपी में भी जैतून सिरका लेने से फायदा मिलने लगा। पहले जहां उनका बीपी हाई रहता था पर अब काफी कंट्रोल में है। अपनी समस्या में आराम पाने के बाद सुरेश जी काफी खुश हुए। जब उन्हें अपनी समस्या में आराम हुआ तो सबसे पहले उन्होंने आर.बी वर्मा जी को बताया। चूंकि आर.बी.वर्मा जी हकीम जी के काफी पुराने पेशेंट हैं। वे और उनका परिवार हकीम जी की बूटी अपनाकर स्वस्थ हुआ था। अब आर.बी वर्मा जी हकीम जी के घरेलू नुस्खों को लोगों तक पहुंचाकर उन्हें स्वस्थ और सेहतमंद कर रहे हैं। सुरेश जी की बीपी की समस्या करीब सालों पुरानी थी। लेकिन हकीम जी के जैतून सिरके ने उन्हें करीब 90 प्रतिशत तक आराम मिला है। इसके अलावा सुरेश जी को जो एड़ी में दर्द बना रहता था उसके लिए उन्होंने गोंद सियाह का भी सेवन किया और अपनी पत्नी को भी घुटनों के दर्द के लिए गोंद सियाह खाने की सलाह दी। जिसके बाद उनकी पत्नी और वो काफी सेहतमंद जिंदगी गुजार रहे हैं। अब सुरेश जी और उनका परिवार हकीम जी का बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी देखते हैं क्योंकि इसमें ही हकीम साहब लोगों को उनकी समस्याओं के लिए यूनानी बूटी के बारे में बताते हैं। बस इसी के साथ उनकी जिंदगी में सुख के पल आ गए और वो पहले से बेहतर हो गए।
सुरेश जी के जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव-
- पाइल्स की समस्या से राहत के बाद पेट की दिक्कत अब नहीं होती।
- पहले से अब कामकाम करने में होने लगी है आसानी, नहीं लेते किसी की मदद।
- हड्डी के दर्द में गोंद सियाह खाकर मिली राहत बिना दर्द के आसान जिंदगी जी रहे हैं।
स्वस्थ होने के बाद लोगों की कर रहे हैं मदद
अपने परिवार के साथ ही वे अब गांव के काफी लोगों की मदद कर रहे हैं। साथ ही काफी लोगों तक वे हकीम जी के यूनानी नुस्खों को पहुंचा चुके हैं। आज अगर सुरेश जी सेहतमंद जिंदगी बिता रहे हैं तो वो केवल और केवल वर्मा जी और हकीम जी की मेहरबानी से। क्योंकि सुरेश जी बताते हैं कि अगर ये दोनों व्यक्ति उनके जीवन में नहीं आते तो शायद सुरेश जी कभी स्वस्थ नहीं हो पाते और बहुत जल्दी ही बिस्तर पकड़ लेते। लेकिन हकीम जी और उनकी यूनानी बूटी ने असर कर दिखाया। आपको बता दें वो यही चाहते हैं कि हकीम साहब इसी तरह लोगों की मदद करते रहें ताकि जैसे उन्हें आराम मिल पाया है वैसे ही और लोगों को मिल सकें।
जैतून का सिरका क्या है?
हकीम सुलेमान साहब का जैतून का सिरका विभिन्न रोगों जैसे मधुमेह नियंत्रण, पाचन, गैस्ट्रिक से संबंधित समस्या, लिवर से संबंधित समस्या, गुर्दे से संबंधित समस्या, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या के लिए एक आदर्श हर्बल उपचार है। हकीम साहब के अनुसार जैतून का सिरका शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए काफी असरदार है। शुगर की समस्या के लिए यह सिरका फायदेमंद है। जैतून का सिरका पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक है। इसके इस्तेमाल से किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या हकीम साहब की कंपनी के डॉक्टरों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
नमक जैतून क्या है ?
नमक जैतून एक प्राकृतिक उत्पाद है जो पेट से संबंधित समस्याओं जैसे अपच, गैस्ट्रिक संबंधी समस्याओं, लिवर से संबंधित समस्याओं और पाइल्स की समस्या आदि में उपयोग किया जाता है। यह जैतून को प्राप्त कर उसके रसायन द्वारा तैयार किया गया नमक है। यह आयुर्वेदिक है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसका उपयोग करने से शरीर की अन्य कई बीमारियों को भी राहत मिलती है। साथ ही यह हमारे शरीर के लिए आवश्यक भी है। पेट के साथ अन्य बीमारियों से बचने के लिए नमक जैतून का सेवन करना बहुत जरूरी है।
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रख सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5497
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



