जब मुश्किल समय में परेशानियां बढ़ जाए तो जिंदगी जीना आसान नहीं होता। ऐसे में घुटनों का दर्द आम समस्या बन गई है। जिसकी वजह से सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने में तकलीफ़ होना या ज़मीन पर बैठने में परेशानी होना मामूली है। अक्सर घुटनों में दर्द ज़्यादा देर तक बैठे रहने, कम चलने-फिरने, गलत तरीके से बैठने-उठने या शरीर का बढ़ता वज़न धीरे-धीरे घुटनों को कमज़ोर बना देता है। ऐसी ही एक कहानी है उत्तराखंड के रुड़की के सत्ती मोहल्ला में बादशाह होटल के पास रहने वाली 55 वर्षीय शाहिदा जरीन जी की जो कई सालों से घुटनों के दर्द के साथ, कमर दर्द से परेशान थी। लेकिन अब लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। आइये जानते हैं उनकी पूरी कहानी के बारे में कि आखिर कैसे इस महिला ने घुटनों के दर्द के साथ अपनी जिंदगी गुजारी और कौन सी बूटी के सेवन से उन्हें दर्द में आराम मिला?
जानिए कौन है शाहिदा जी?
उत्तराखंड के रुड़की में रहने वाली 55 वर्षीय शाहिदा जरीन जी काफी शांत स्वभाव की महिला हैं वो घर के काम के साथ मठ्ठी बनाने का भी काम करती हैं जिसमें उनके पति उनका पूरा साथ देते हैं। शाहिदा जी के परिवार में उनके अलावा उनके पति, उनकी एक बेटी और बेटी के बच्चे रहते हैं। उनका जीवन बहुत ही खुशहाल चल रहा था पर न जानें घुटनों के दर्द ने मानों उनकी खुशियों पर नजर लगा दी हो। आपको बता दें शाहिदा जी की ज़िंदगी में एक समय ऐसा आया जब घुटनों के दर्द ने उनका जीवन मुश्किल बना दिया था, उन्हें उठने-बैठने, चलने-फिरने और नमाज पढ़ने में बहुत परेशानी हो रही थी। वह कुर्सी पर बैठकर नमाज पड़ती थी। पैरों में दर्द के साथ-साथ तलवों में बहुत जलन भी होती थी। जिस वजह से खड़े होना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया था। उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि वह कभी स्वस्थ हो पाएंगी।
घुटनों के दर्द में कैसे गुजारी शाहिदा जी ने जिंदगी?
शाहिदा जी, कई सालों से मट्ठी बनाने का काम करती आ रही थीं। मट्ठी के व्यापार के साथ उनकी जिंदगी मजे में कट रही थी लेकिन धीरे-धीरे इनकी सेहत पर भी असर पड़ने लगा। दरअसल एक दिन शाहिदा जी ने अपनी बेटी को रस्सी से उछलते हुए देखा तो वह भी बेटी के साथ रस्सी उछलने लगी। उसी रात को एकदम से उन्हें पैर में एक झटका सा लगा और घुटनों में दर्द होने लगा। घुटने को मोड़ने की कोशिश करने पर पैरों की नसों में खिंचाव होता था जिससे पूरे पैर में दर्द हो रहा था। शाहिदा जी ने कई प्रयास किये जिससे उन्हें कुछ देर के लिए राहत मिल जाती लेकिन बाद में फिर से दर्द शुरू हो जाता था। एक समय ऐसा था जब डॉक्टरों से मिलना मुश्किल हो गया था जिसकी वजह से शाहिदा जी का दर्द बढ़ता चला गया।
यह दर्द इतना बढ़ गया था कि वह न केवल अपने काम में पूरी तरह से असमर्थ हो गईं, बल्कि उनके जीवन के कई पहलू प्रभावित होने लगे थे। घुटनों का दर्द इतना बढ़ गया था कि उठना-बैठना और यहां तक कि नमाज़ पढ़ने में भी समस्या आ रही थी। कभी-कभी तो ये दर्द इतना बढ़ जाता था कि वे रात को सो भी नहीं पाती थीं। इस दर्द की वजह से शाहिदा जी का मन कहीं भी किसी भी काम में नहीं लगता था। रोजाना 1 किलोमीटर तक टहलने वाली शाहिदा जी का जीवन इस दर्द की वजह से असहनीय हो गया था। उनका घर में काम करना बंद हो गया था और उनकी बेटी को ही उनका काम करना पड़ता था।
जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया तो फिर एक डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने बताया की घुटनों में गैप आ गया है जिसके कारण दर्द हो रहा है। इस दर्द के लिए कई जगह चक्कर लगाते-लगाते चार-पाँच साल गुजर गए लेकिन दर्द लगातार बढ़ता गया और शाहिदा जी के पास कोई रास्ता नहीं बचा था लेकिन किसी ने सही कहा है जब हौसला टूटने लगे तो कहीं न कहीं से कोई रास्ता निकल ही आता है। ऐसा ही कुछ हुआ शाहिदा जी के साथ तो आइये जानते हैं कैसे?
किन कठिनाईयों का करना पड़ा सामना?
- पैरों की नसों में खिंचाव होता था जिसकी वजह से चलना मुश्किल हुआ।
- इनके लिए मट्ठी बनाने का काम करना हुआ नामुमकिन।
- उठने-बैठने और नमाज पढ़ने में होती थी बहुत परेशानी।
हकीम साहब से जुड़कर घुटनों के दर्द में मिली शाहिदा जी को राहत
एक दिन वह रोजाना कि तरह अपने फोन पर दर्द कम करने का तरीका ढूंढ रही थी तो जब वह इंटरनेट पर सर्च कर रही थीं, तो उन्हें यूट्यूब पर बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी के जरिए हकीम सुलेमान खान साहब के बारे में जानकारी मिली। शाहिदा जी ने अपनी बेटी से स्क्रीन पर दिखाए जा रहे नंबर पर कॉल करने को कहा। उनकी बेटी ने कॉल करके शाहिदा जी की परेशानियाँ बताई जिनको अच्छे से सुनने और समझने के बाद गोंद सियाह और S. CARE का सेवन करने की सलाह दी। फिर बिना किसी देरी के शाहिदा जी ने ऑफिशियल वेबसाइट ATIYA HERBS से इन बूटी को मंगाकर सेवन करना शुरू किया। पहले ही हफ्ते उन्हें काफी राहत महसूस हुई। शाहिदा जी के लिए यह बूटी फायदेमंद रही।
कहानी से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदू:-
- हर जगह से हुई नाउम्मीद पर नहीं मानी इन्होंने हार
- यूनानी बूटी की मदद से कम हुआ घुटनों का दर्द
- पहले सीढ़ियाँ नहीं चढ़ पाती थी अब आराम से सीढ़ियाँ चढ़ने लगी हैं।
आपको बता दें पहले जहां शाहिदा जी अपने काम करने में असमर्थ थीं, अब उन्होंने फिर से मट्ठी बनाने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही, उन्हें सीढ़ियाँ चढ़ने में भी काफी आसानी हो गई है। दर्द में मिली राहत के बाद उनका मनोबल बढ़ चुका है और वह पहले की तरह आत्मनिर्भर हो गई हैं। अब वह अपनी बेटी की मदद के बिना इस दर्द से उबरकर न केवल अपने घर का कामकाज कर पा रही हैं, बल्कि एक नई ऊर्जा के साथ अपनी जिंदगी को फिर से लगभग पहले की तरह जी पा रही हैं। उनके घर में उन्हें देख परिवार वाले काफी खुश हैं इसलिए अब किसी भी तरह की परेशानी होने पर परिवार के सदस्य भी हकीम जी के घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं। आज जो वो बेहतर और खुशहाल जिंदगी जी रही हैं उसका श्रेय वो यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देती हैं।
घुटनों, कमर और पैरों के दर्द को कम करने के लिए यूनानी चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग किया जाता है – हकीम सुलेमान खान साहब।
गोंद सियाह क्या है?
यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्य है जो समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। इस पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है उसे गोंद सियाह कहते हैं, यह बहुत ही पौष्टिक होता है और सूखने पर काला और ठोस हो जाता है, इस गोंद में उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रखता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या उनकी संस्था के यूनानी विशेषज्ञों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा या कम मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
S.CARE क्या है?
S.CARE दवा अच्छी तरह से परीक्षण और शोधित है, जो गठिया या मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से परेशान व्यक्तियों को पूर्ण संतुष्टि देती है। इतना ही नहीं, अल्सर और मुंहासे जैसी अन्य बीमारियों में भी यह दवा कारगर हो सकती है। लेकिन, यह मुख्य रूप से मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में राहत दिलाने में कारगर है। यह मांसपेशियों की अकड़न का इलाज करता है और दर्द से राहत दे सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5537
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



