घुटनों का दर्द एक ऐसी समस्या है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है, ऐसा देखा गया है की बढ़ती उम्र के साथ घुटनों के दर्द से संबंधित समस्या होना आम बात हो गई है। जिसकी कई वजह हो सकती हैं जैसे – किसी भी शारीरिक गतिविधि, चोट या मांसपेशियों में होने वाले खिचांव की वजह से। आपको बता दें यह दर्द न केवल शारीरिक तकलीफ देता है, बल्कि व्यक्ति की दिनचर्या को भी प्रभावित करता है। ऐसे में उठना-बैठना, चलना-फिरना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसी ही एक कहानी है सहारनपुर की रहने वाली 70 साल की एक महिला संतोष जी की, जो घुटनों के दर्द से काफी परेशान रहती थी। उन्होंने दर्द से राहत पाने के लिए कई तरह के प्रयास किये जैसे तेल से मालिश की, लेकिन कुछ भी काम नहीं आया, इससे उन्हें कुछ ही देर के लिए राहत मिलती थी और फिर से वही समस्या हो जाती थी। इतनी परेशानी झेलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी तो चलिए जानते हैं उनकी सच्ची कहानी के बारे में कि कैसे उन्होंने घुटनों के दर्द से राहत पाई?
संतोष जी की सच्ची कहानी जानिए यहां ?
संतोष जी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के दूर-दराज़ गाँव टापरी में रहती हैं। उनकी उम्र 70 साल है और इस उम्र में भी वो अपनी घर की जिम्मेदारियां बखूबी निभाती हैं। वह बहुत ही सरल स्वभाव की महिला हैं यह उनके बातचीत के ढंग से ही पता चल जाता है। वो अपने परिवार के साथ एक खुशहाल जिंदगी गुजार रहीं थी पर न जानें उनके हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई दरअसल उम्र के इस पड़ाव में संतोष जी के लिए घुटनों का दर्द एक बड़ी परेशानी बन गया, जिसके बाद उनकी जिंदगी बद से बदतर होती चली गई।
दरअसल लगभग दो साल पहले अचानक ही संतोष जी के दायें पैर के घुटने में दर्द होना शुरू हो गया था। संतोष जी को लगा कि हल्का-सा दर्द है मालिश करने से सही हो जाएगा। शुरुआत में वह मलिश करती रही, लेकिन जब मलिश से फायदा होता दिखाई नहीं दिया तो संतोष जी गांव में ही एक डॉक्टर से दर्द की खुराक लेकर खाती रहीं। पर ऐसा करने से उन्हें थोड़े समय के लिए ही राहत मिल पाती थी। कुछ ही दिनों में ये दर्द बहुत बढ़ता चला गया। उनके लिए उठना-बैठना तक मुश्किल हो गया था। वह जमीन पर या फिर खटिया पर हाथ टिकाकर उठती और बैठती थीं। उनकी अपनी लापरवाही की वजह से दर्द इतना बढ़ गया था कि कई बार तो उठते और बैठते समय फ्लोर पर ही गिर पड़तीं थीं। इस दर्द की वजह से उनका जीवन मानो रुक सा गया हो।
हकीम साहब से मिली जीने की उम्मीद, आखिर कैसे?
एक दिन रोजाना की तरह टीवी देखते हुए संतोष जी को हकीम सुलेमान खान साहब के एक चर्चित प्रोग्राम सेहत और जिंदगी के बारे में पता चला। जिसके बाद उन्होंने इसमें देखा कि कैसे हकीम जी लोगों की मदद करते हैं और जिन बूटियों के बारे में वह बताते हैं उनसे कई लोगों को फायदा भी मिला है, बस फिर क्या था मन ही मन संतोष जी ने ये सोच लिया था कि वो अब हकीम जी की बूटी को अपनाकर जरूर देखेंगी। इसके बाद उन्होंने स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर कॉल किया और अपने घुटनों के दर्द के बारे में बताया। हकीम साहब ने संतोष जी की समस्या को अच्छे से सुनने और समझने के बाद गोंद सियाह का सेवन करने की सलाह दी और फिर बिना किसी देरी के संतोष जी ने इस बूटी को ATIYA HERBS से मंगवा लिया और सेवन करना शुरू कर दिया। यूनानी बूटी का सेवन करने के बाद उन्हें कुछ ही महीनों में फर्क दिखने लगा और धीरे-धीरे उनका दर्द कम होने लगा। इसके अलावा जब उन्होंने अपनी परेशानी से राहत पा ली तो वह हमेशा से हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को अपनाने लगी।
घुटनों दर्द से परेशान संतोष जी का बिता बुरा समय अब कर लेती हैं सारे काम
संतोष जी को घुटनों के दर्द में इतना फायदा हो गया कि अब वह बिना किसी सहारे के आसानी से उठ-बैठ सकती हैं, घर के सारे काम खुद से करने लगी हैं। वो न केवल घर का काम करती हैं, बल्कि सीढ़ियां भी आराम से चढ़ जाती हैं। ऐसा लगता है मानों यूनानी बूटी ने उनका जीवन ही बदल दिया है। पहले घुटनों को मोड़ते ही दर्द से कराह उठने वाली संतोष जी अब घंटों तक घुटनों को मोड़कर बैठी रहती हैं और फिर भी उन्हें कोई दर्द महसूस नहीं होता। 70 साल की उम्र में भी संतोष जी घर के सारे काम खुद से करती हैं चाहे फिर वो झाड़ू-पोंछा करना हो, बर्तन धुलना हो, खाना बनाना हो या फिर गाय और भैंस का दूध निकालना हो, अब सभी काम वह बड़ी ही आसानी से करती हैं। अब दर्द में राहत पाकर संतोष जी हकीम साहब का तहे दिल से धन्यवाद करती हैं और कहती हैं कि अगर हकीम साहब नहीं होते तो मेरा पूरा जीवन घुटनों के दर्द में ही निकल जाता। वह यही आशा करती हैं कि हकीम जी इसी तरह लोगों की मदद करते रहें क्योंकि जिस तरह उन्हें आराम मिला है उसी तरह और लोगों को भी आराम मिले। आज जो बेहतर और खुशहाल जिंदगी वह गुजार रही उसका सारा श्रेय वह यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देती हैं।
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रख सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5545
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



