कमर दर्द, जो बढ़ती उम्र में आजकल लोगों को सता रहा है। इसे पीठ में होने वाले दर्द के नाम से भी जाना जाता है। यह आपको कई कारणों से हो सकता है,जैसे किसी चोट के कारण, हड्डियों का कमजोर होना, मांसपेशियों में खिंचाव के कारण ऐसे में कमर दर्द आपकी परेशानी बन सकता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप इसे सही करें, क्योंकि इस तकलीफ में इंसान ना तो झुक पाता है ना ही, सही से चल पाता है। ऐसे ही एक शख्स है नोएडा के रहने वाले सकाराम सिंह, जिन्हें कई समय से कमर दर्द की परेशानी सता रही थी। उन्हें इस परेशानी में पीठ के नीचले हिस्से में दर्द सताता था। इसके लिए उन्होंने कई जगह दिखाया लेकिन उन्हें कहीं से कोई आराम नहीं मिला। सकाराम सिंह जी को अपना काम करने में भी परेशानी आती थी। उन्हें हर समय दर्द की समस्या बनीं रहती थी। उन्हें लगने लगा था कि अब वह किसी तरह सही नहीं हो पा रहे है इस चिंता में वह काफी परेशान हो रहे थे, ऐसे में उन्हें एक दिन यूनानी बूटी के बारे में पता चला। जिसने उनका जीवन ही बदल दिया और उन्हें स्वस्थ जिंदगी दी, लेकिन कैसे उन्होंने इस सफर को तय किया आइए जानते है इनकी सच्ची कहानी में।
जानिए कौन है सकाराम सिंह?
सकाराम सिंह, नोएडा के गोतम बुद्ध नगर सेक्टर -122, डी- ब्लॉक में रहते है। उन्हें कई साल हो गए हैं वकालात करते हुए आज वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के मेंबर है। सकाराम जी की जिंदगी में सब सही चल रहा था कि अचानक उन्हें एक दिन कमर दर्द ने घेर लिया। जिससे उनका परिवार भी परेशानी में आ गया। आपको बता दें उन्हें करीब ढाई साल तक कमर दर्द की शिकायत रही। इस समस्या में वह सही से चल नहीं पाते थे, खड़े नहीं हो पाते थे, यहां तक की वह अपनी कुर्सी पर बैठकर खड़े होने में तकलीफ झेला करते थे।
सकाराम जी की कमर दर्द की सच्ची कहानी कर देगी हैरान
सकाराम जी ने अपनी कमर की समस्या के लिए कई अस्पतालों के चक्कर लगाएं। कई डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी के लिए बोल दिया था। साथ ही, उन्हें कमर पर बेल्ट लगाने के लिए दी। वह हर समय बेल्ट लगाकर घूमा करते थे। इतना ही नहीं, सकाराम जी को कमर का दर्द इतना था कि उन्हें सुबह की सैर के लिए छड़ी का इस्तेमाल करना पड़ता था। वह घंटो बैठकर काम करते थे ऐसे में उन्हें लगता था कि अब उनकी तबीयत में कैसे सुधार आएगा। वह घंटों काम करके थक जाते, तब भी उनका कमर दर्द उन्हें सताता था।
उन्हें लगता था कि अब वह हमेशा ही ऐसे बेल्ट के सहारे चला करेंगे क्योंकि डॉक्टरों की सर्जरी को उन्होंने मना कर दिया था। लेकिन कहते है समय किसी का एक जैसा नहीं रहता है आज बुरा तो कल अच्छा वक्त ज़रूर आता है ऐसा ही हुआ सकाराम जी के साथ उनका वक्त बदला और उन्हें यूनानी के बारे में पता चला। जिससे उनका जीवन ही बदल गया। ऐसे में उन्होंने यूनानी को अपनाना सही समझा, लेकिन कैसे सकाराम जी यूनानी तक पहुंचे आइए जानते है उनकी कहानी में।
सकाराम जी को कैसे मिला हकीम साहब की बूटियों का सहारा?
एक दिन जब रोजाना की तरह सकाराम जी अपना फोन चला रहे थे तो, उनकी नज़र चर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी। जहां उनकी मुलाकात मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब से हुई। जो शो में लोगों को उनकी परेशानियों के लिए जड़ी-बूटी बता रहे थे। सकाराम जी को भी लोगों की सच्ची कहानी देखकर यकीन हुआ कि वह भी सही हो सकते है इसलिए देर ना लगाते हुए उन्होंने शो की स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर कॉल किया और अपनी परेशानी बताई। हकीम साहब की टीम ने सकाराम जी की समस्या को सही सुना व समझा और उन्हें गोंद सियाह खाने की सलाह दी। इस बूटी को सकाराम जी ने ATIYA HERBS से ऑर्डर किया और हकीम साहब द्वारा दिए गए निर्देश अनुसार बूटी को नियम से लेना शुरू कर दिया। इसके अलावा हकीम साहब ने सकाराम जी को अन्य समस्याओं के लिए नमक शिवरंजनी और हल्दी प्लस भी खाने की सलाह दी। इन सभी जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से कुछ ही महीने में सकाराम जी को कमर दर्द से राहत मिलनी शुरू हुई। आज वह बताते है कि उन्हें अपनी परेशानी में लगभग 75% तक का आराम मिला है। इसलिए उन्होंने हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को भी अपनाना शुरू कर दिया है। अब उन्हे किसी बात की कोई परेशानी नहीं रहती है।
कमर दर्द से मिली राहत के बाद सकाराम जी के जीवन में आया बदलाव
सकाराम जी बताते है कि पहले जहां उन्हें कमर दर्द की वजह से परेशानी होती थी पर अब उन्हें घंटों बैठकर काम करने में कोई परेशानी नहीं होती है, अब वह कुर्सी पर आसानी से बैठकर उठ जाते है। घंटों खड़े हो जाते है साथ ही, अब सुबह की सैर में वो छड़ी को छोड़ चुके है। इतना ही नहीं अब उन्होंने कमर पर बेल्ट लगाना तक छोड़ दिया है। साथ ही उन्हें अब किसी तरह की कोई परेशानी नहीं सताती है। ऐसा लगता है मानों उन्हें कभी कमर दर्द की परेशानी रही न हो। सकाराम जी हकीम साहब के लिए कहते है कि वह जो काम कर रहे है उसके लिए बड़ा दिल चाहिए। जैसे उन्होंने मेरी मदद की वैसे ही सभी की मदद करें और स्वस्थ रहें। आज वह अपनी बेहतर जिंदगी का श्रेय यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देते है और उनका बार-बार शुक्रिया अदा करते है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5416
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



