आज के समय में बदलता खान पान हमारी लाइफस्टाइल को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में बाहर के जंक फूड ने हमारी खाने की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। जिसकी वजह से पेट से जुड़ी कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है ऐसे में खानपान सही ना होने की वजह से सबसे ज्यादा बुरा असर हमारे पेट पर ही पड़ता है जिसकी वजह से गैस, कब्ज, पेट दर्द जैसी परेशानियां हो सकती है, लेकिन ऐसा ना हो उसके लिए ज़रूरी है सही डाइट, सही समय पर लेना। एक ऐसी महिला है जो कई सालों से पेट की तकलीफ से काफी परेशान थी पर उनकी यह समस्या ज्यादा दिन तक उनके साथ नहीं रही। जिनके बारे में हम बता रहे हैं वो है दिल्ली की रहने वाली रमा रानी। पेट की परेशानी होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सही समय पर सही रास्ता अपना लिया। जो कभी पेट की समस्या से ज्यादा परेशान थी आज वही काफी स्वस्थ हैं। आइये जानते हैं उनकी कहानी खुद उनकी जुबानी इस आर्टिकल के जरिए और ये भी जानेंगे कि उन्हें पेट की समस्या में कैसे आराम मिला?
जानिए कौन है रमा रानी जी? किस समस्या की वजह से बदला इनका जीवन?
यह प्रेरणादायक कहानी है 65 साल की रमा रानी जी कि जो दिल्ली के आदर्श नगर में रहती है। वह काफी दयालु स्वभाव की महिला हैं लोगों की मदद करना उन्हें काफी अच्छा लगता है। उनसे जुड़े लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं। आपको बता दें वो एक सोशल वर्कर हैं और एक NGO चलाती है जिससे कई सारे जरूरतमंद लोग जुड़े हुए हैं। उनका पूरा परिवार एक साथ रहता है उनके परिवार में तीन बेटियां, एक बेटा और बहू, पोते के अलावा उनके पति और दो देवर साथ रहते हैं उनकी ज्वाइंट फैमिली है, जहां सभी हंसी-खुशी रहते है, लेकिन उनके हसंते खेलते परिवार पर तब मुसीबत तब आ गई जब रमा रानी जी को पेट की समस्या हो गई। उन्हें पेट में इंफेक्शन की समस्या ने घेर लिया। जिससे उनकी हालात काफी बिगड़ गई थी। इस तकलीफ में वह सही से कुछ खा-पी नहीं पाती थी। उनको हर समय दर्द बना रहता था। ऐसे में उनके लिए काम करना काफी मुश्किल हो गया था। वह हर समय इसी चिंता में रहती थी की उन्हें पेट की समस्या से कैसे आराम मिलेगा क्योंकि इसकी वजह से उनके काम पर भी असर पड़ रहा था। इतनी सारी परेशानियों के साथ रमा रानी जी का जीवन काफी मुश्किलों से घिर गया था।
NGO चलाकर महिलाओं को बनाती है आत्मनिर्भर
रमा रानी जी NGO में महिलाओं को सिलाई, और कढ़ाई का काम सिखाती हैं। आज उनकी वजह से कई महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं। यहां उनसे महिलाएं जुड़कर अपना काम खोल चुकी है। लेकिन उनकी समस्या ने उनके काम पर भी असर डाला है। उनके इस योगदान से वह कई लड़कियों को शिक्षित कर चुकी है। उनकी इस पहल ने एक समाज का कार्य किया है जिससे महिलाओं को मदद मिली है। लेकिन रमा जी को हुई पेट की समस्या ने कुछ समय के लिए उनके काम पर भी असर डाला पर उन्होंने हौसले मजबूत रखें और हमेशा अपनी तकलीफ से पहले दूसरों की तकलीफ के आगे खड़ी रहीं। वो कहते हैं न जो सब का अच्छा सोचता है उसका कभी बुरा नहीं हो सकता शायद रमा रानी जी के साथ भी कई लोगों की दुआएं थी क्योंकि उन्हें एक ऐसा रास्ता मिल गया जिसका वो इंतजार कर रहीं थी और वो रास्ता था यूनानी बूटी जिसकी मदद से उन्होंने अपने जीवन को बेहतर बनाया। आइये जानते हैं वो कैसे?
इनकी कहानी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदु-
- पेट की परेशानी से पड़ा इनके एनजीओ के काम पर असर।
- अपनी तकलीफ भुलाकर लोगों की मदद के लिए हमेशा रहती हैं आगे।
- हकीम साहब की बूटी की मदद से इनकी जिंदगी में आया बदलाव।
आखिर कैसे हुआ रमा रानी को हकीम साहब की बूटी पर विश्वास?
रमा रानी जी बताती है कि उनकी एक मौसी है जिनसे उनके संबंध बेहद अच्छे है। जब रमा रानी जी की पेट की दिक्कत बढ़ती जा रही थी तो उन्होंने इस बारे में अपनी मौसी को बताना सही समझा फिर उनकी मौसी ने उन्हें पहली बार यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि उनका चर्चित शो सेहत और जिंदगी टी.वी पर आता है जिसे वह फॉलो करती है। शो में हकीम साहब सभी लोगों को उनकी परेशानियों के लिए सलाह देते है यहीं देखकर उनकी मौसी भी काफी प्रभावित हुई थी क्योंकि उनकी सलाह से कई लोग काफी स्वस्थ हुए हैं। ऐसे में रमा रानी जी की मौसी ने उन्हें भी उनकी पेट की समस्या के लिए हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को बताना सही समझा। मौसी द्वारा बताए गए हकीम साहब के बेहतर तरीके को उन्होंने घर पर ही आसानी से बनाकर आज़माया और उन्हें पेट की समस्या में कुछ ही दिनों में आराम मिलने लगा।
इसके अलावा रमा रानी जी ने अपनी इस समस्या को अच्छे से सही करने के लिए यूनानी बूटी का भी इस्तेमाल करना सही समझा और ज्यादा देर ना लगाते हुए रमा रानी जी ने ATIYA HERBS से हकीम साहब की एक जड़ी-बूटी को भी ऑर्डर किया और कुछ ही दिनों में उन्हें इससे आराम मिलता नज़र आने लगा। जब वो पहले से स्वस्थ हो गई तो उन्होंने हकीम साहब को फॉलो करना शुरु कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पति के लिए भी यूनानी बूटी को अपनाना सही समझा। रमा जी बताती है कि एक दिन अचानक उनके पति की याददाश्त चली गई थी जिसके चलते रमा रानी जी भी काफी घबरा गई थी। आपको बता दें इस स्थिति में उनके पति दिन को रात और रात को दिन बोल रहे थे फिर रमा रानी जी ने बिना समय बर्बाद करते हुए अपने पति के लिए भी हकीम जी की बूटी का इस्तेमाल करना सही समझा। यक़ीनन उनके पति की याददाश्त कुछ ही समय में वापस आ गई थी जिसके बाद से उनका विश्वास हकीम जी पर दोगुना हो गया।
जीवन हुआ फिर से बेहतर, इन्हें मिली सेहतमंद जिंदगी
आज रमा रानी जी इतनी बेहतर हो चुकी हैं कि वह अपनी पसंद का खाना बिना किसी परेशानी के खा लेती हैं। उन्हें पहले से ज्यादा खुद में तंदुरुस्ती महसूस होने लगी। जिसके बाद अब वह पहले की तरह ही महिलाओं को अपने एनजीओ में सिलाई-कढ़ाई सिखाने लगी हैं। अब उन्हें पेट में कोई भी दिक्कत नहीं है। स्वस्थ होने के बाद आज वह हकीम साहब के लिए कहती है कि जैसे हकीम जी ने उनकी मदद की वैसे ही वह सभी की मदद करते रहें और स्वस्थ रहें। आज वह अपनी बेहतर और खुशहाल जिंदगी का श्रेय यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देती है और उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करती है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
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