पैरों का दर्द आज के समय में हर किसी के लिए एक बढ़ी मुसीबत बन गया है जिसकी वजह से हर कोई परेशान रहता है। आमतौर पर देखा जाए तो पैरों के दर्द के साथ जिंदगी गुजारना आसान नहीं होता है। कई बार पैरों का दर्द मांसपेशियो में कमजोरी, चोट लगने, नसों में होने वाले खिचांव, ऐंठन के चलते, और मांसपेशियों में अकड़न के कारण भी हो जाता है। ऐसे में देखा जा सकता है कि अक्सर कई बार पैरों का दर्द लोगों के लिए एक बढ़ी चुनौती बन जाता है। जिसकी वजह से उठना-बैठना, चलना भी काफी मुश्किल होने लगता है। ऐसी ही एक कहानी है मुंबई के वडाला में रहने वाले राम अवतार जी की,जो पैरों के दर्द से काफी परेशान थे। आइये जानते हैं उनकी पूरी आत्मकथा के बारे में कि कैसे उन्हें पैरों के दर्द में आराम मिला?
जानिए रामअवतार जी की सच्ची कहानी?
मुंबई के वडाला में रहने वाले 52 साल के रामअवतार जी काफी दयालु स्वभाव के व्यक्ति हैं लोगों की मदद करना उन्हें काफी अच्छा लगता है। ये उनके स्वभाव को देखकर ही हम समझ सकते हैं। उनका खुद का बैग का बिजनेस है। अगर उनके परिवार की बात करें तो परिवार में उनके दो लड़के हैं और एक लड़की है साथ ही उनकी पत्नी भी रहती हैं। उनका काफी खुशहाल परिवार रामअवतार जी के जीवन में सबकुछ सही चल रहा था पर न जानें उनके हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई। दरअसल रामअवतार जी को पैरों की तकलीफ होने लगी जिसकी वजह से उनके लिए खड़ा होना भी काफी मुश्किल हो गया था वह अपना काम करने के लिए भी किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहते थे। इसी दिक्कत को देखते हुए उनके परिवार वाले भी हमेशा चिंतित रहते थे।
रामअवतार जी ने कई सारे डॉक्टरों को भी दिखाया लेकिन उन्हें कहीं से भी कोई आराम मिलता नजर नहीं आया। आपको बता दें उन्होंने कई दिनों तक डॉक्टर को दिखाया पर इससे थोड़े समय के लिए तो आराम मिल जाता लेकिन दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था। उनकी तकलीफ इतनी बढ़ गई थी ऑपरेशन कराने तक की नौबत आ गई थी। इसी बढ़ती तकलीफ को देखते हुए रामअवतार जी घबराने लगे और शायद वो उम्मीद ही छोड़ चुके थे कि कभी वह स्वस्थ हो पाएंगे। उन्हें यहीं लगता था कि उन्हें पैरों की इसी तकलीफ के साथ ही जिंदगी गुजारनी पड़ेगी।
हकीम साहब से जुड़कर कैसे मिला सही रास्ता?
वो कहते हैं न सभी के जीवन में अगर बुरा वक्त आता है तो एक समय उनका अच्छा भी आता है और वो बुरा वक्त कभी न कभी गुज़र ही जाता है। रामअवतार जी का भी बुरा वक्त अब गुजरने ही वाला था। एक दिन रामअवतार जी टी.वी देख रही थी तभी अचानक से उनकी नज़र हकीम सुलेमान खान साहब के बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी। जहां हकीम जी लोगों की समस्या सुन रहे थे और उस समस्या के लिए यूनानी बूटी के बारे में बता रहे थे। हकीम जी के लाइव प्रोग्राम में भी काफी लोगों के फीडबैक भी आ रहे थे। हकीम जी के इस शो से प्रभावित होकर रामअवतार जी ने पैरों की समस्या के लिए हकीम जी की कारगर बूटी गोंद सियाह को ATIYA HERBS से ऑर्डर किया।
गोंद सियाह के सेवन से रामअवतार जी को अपने पैरों की समस्या में कुछ ही महीनों में राहत मिलनी शुरू हो गई। अपने पैरों में 50 प्रतिश्त मिलते आराम को देखकर रामअवतार जी काफी खुश होने लगे क्योंकि उन्होंने कभी सोचा ही नहीं था कि उन्हें कभी आराम मिल पाएगा। पैरों के दर्द में मिली राहत के बाद रामअवतार जी ने अपनी अन्य समस्याओं के लिए भी हकीम जी के घरेलू नुस्खों को अपनाया।
स्वस्थ होने के बाद बिता रहे हैं बेहतर जिंदगी
रामअवतार जी जो काम पहले नहीं कर पाते थे वो अब आसानी से बिना किसी सहारे के काम कर लेते हैं। ये सब हकीम साहब की वजह से ही संभव हो पाया है। रामअवतार जी यही चाहते हैं कि जिस तरह से उन्हें अपनी परेशानी में आराम मिला है उसी तरह और लोगों को भी अपनी समस्याओं में आराम मिले क्योंकि वो जानते हैं कि अगर दर्द भयंकर हो तो जिंदगी गुजारना कितना मुश्किल होता है। इसलिए वो अपने दोस्त, रिश्तेदार और संबंधियों को भी यूनानी बूटी अपनाने की सलाह देते हैं। साथ ही रामअवतार जी हकीम जी के काफी शुक्रगुजार हैं कि आज उनकी वजह से वो पहले कि तरह अपनी जिंदगी आसानी से गुजार रहे हैं। आपको बता दें वह अपनी सेहतमंद और स्वस्थ जिंदगी का सारा श्रेय यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को ही देते हैं।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



