हर घर में एक बुजुर्ग होता है और वह सबके लिए खास होता है, लेकिन उन्हीं को अगर किसी तरह की तकलीफ हो जाए तो, पूरा परिवार परेशानी में आ जाता है। ऐसे ही एक व्यक्ति है जिन्हें समय के साथ एक समस्या ने घेर लिया था। आज के समय में बढ़ती उम्र के साथ घुटनों की तकलीफ लोगों को हो रही है। ऐसी ही तकलीफ इन्हें भी समय के साथ घुटनों में बढ़ने लगी। परेशानी इतनी हो गई कि उनका सीढ़िया चलना और उतरना भी मुश्किल हो गया था। हम बात कर रहे है दिल्ली के नरेश कुमार जी की। जो अपने घुटनों की तकलीफ से बेहद परेशान थे उनकी इस समस्यां से पूरा परिवार भी चिंता में रहने लगा था। लेकिन यह समस्या उनके साथ ज्यादा दिन तक नहीं रही। उन्हें अपनी परेशानी का हल मिल गया। उन्हें हकीम साहब के बारे में पता चला और उनका जीवन ही बदल गया। तो, आइए जानते है नरेश जी की सच्ची कहानी कि उन्होंने इस तकलीफ में कौन-सा तरीका अपनाया और आज वह कितने स्वस्थ हैं?
जानिए कौन है नरेश कुमार?
67 साल के नरेश जी दिल्ली के नन्द नगरी इलाके में रहते है। वे अपने पूरे परिवार के साथ रहते है। वे तीन भाई मिलकर एक साथ एक ही मकान में रहते है। वो पेशे से नरेश जी सरकारी नौकरी से रिटायर्ड है जो कि नगर निगम से ऑफिस सुपरिटेंडेंट की पोस्ट पर हुआ करते थे। उनको घुटनों की समस्या एक-दो साल से शुरू हो गई। उनकी तकलीफ इतनी बढ़ गई की उनके घुटनों से कट-कट की अवाज़े आने लगी। वे सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में दोनों तरह से परेशान होने लगे।
रिटायर्ड नरेश जी का जीवन घुटनों के दर्द से कैसे हुआ लाचार?
नरेश जी बताते कि सरकारी नौकरी से रिटायर्ड होने के कुछ साल बाद ही उन्हें घुटनों की परेशानी ने घेर लिया था। समस्यां एक साल पुरानी थी। घुटनों में कई तरह के दर्द और सूजन से नरेश जी बेहाल हो रहे थे। ऐसी परेशानी में नरेश जी को लगा कि उन्हें शायद कैल्शियम की दिक्कत हो गई है। वे सोचने लगे कि वह दोबारा से नौकरी करना शुरू कर दें, लेकिन उनके बच्चों ने सलाह दी कि वे अब सर्विस न करें घर अपनी देखभाल करें। नरेश जी ने ऐसा किया भी। उन्होंने अपनी तकलीफ को सही करने का तरीका ढूंढ निकाला और खुद को स्वस्थ जीवन दिया। नरेश जी बताते है कि एक रोज जब वे किसी के घर शादी फंक्शन में गए थे। तब उनके घुटनों ने आखिरी बार जवाब दें दिया था कि अब उनसे चला नहीं जाएगा। वो घुटनों से काफी लाचार हो गए थे।
हकीम साहब से जुड़कर कैसे बदली नरेश जी की जिंदगी?
एक दिन नरेश जी हर रोज की तरह ही अपना टी.वी खोलकर बैठे देख रहे थे कि तभी उनकी नज़र बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी। शो को देखने के बाद नरेश जी के मन में एक उम्मीद जागी कि वह भी अपनी समस्या के लिए मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब की यूनानी बूटी को अपनाकर देखें। इसके बाद देर न लगाते हुए नरेश जी ने स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर कॉल किया। जहां हकीम साहब की टीम ने नरेश जी की समस्या को अच्छे से सुना और समझा फिर उन्हें गोंद सियाह खाने की सलाह दी गई। नरेश जी ने हकीम जी द्वारा बताई गई गोंद सियाह, आर केयर कैप्सूल को ATIYA HERBS से मंगवाई। इन सभी नुस्खों को अपनाने के बाद नरेश जी ने हकीम साहब द्वारा बताए गए कुछ और तरीके भी अपनाएं जिससे उन्हें काफी फायदा देखने को मिला। नरेश जी खुद बताते है कि हकीम जी की बूटी को निर्देश अनुसार लेने के बाद उन्हें कुछ ही महीनों में आराम मिलना शुरू हो गया। उन्होंने अपनी अन्य समस्याओं में हकीम साहब का घरेलू नुस्खा भी अपनाया। वे बताते है कि उन्हें घुटनों के दर्द में लगभग 80% फायदा मिला है। हकीम जी की बूटी अपनाकर अब उनके घुटनों से कट-कट की अवाज आना और सूजन भी पहले से काफी कम हो गई है। आराम मिलने के बाद नरेश जी अपने चार मंजिला मकान की सीढ़िया अब आसानी से चढ़ और उतर लेते है।
अब नहीं है पहले जैसा हाल आसानी से चढ़ लेते है सीढ़ियां
नरेश जी स्वस्थ होने के बाद अब दूसरों को भी सलाह देते हैं कि वह हकीम जी के नुस्खों को अपनाएं क्योंकि वो यही चाहते हैं की जिस तरह से उन्हें आराम मिला है उसी तरह से और लोगों को भी आराम मिले। आपको बता दें पहले जहां उन्हें सीढ़ियां उतरने में तकलीफ होती थी पर अब वो आसानी से सीढ़ियां चढ़ भी लेते हैं और उतर भी जाते है। आज वह अपनी सारी परेशानी कम होने का श्रेय यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देते हैं और हकीम जी के लिए कहते है कि जो वह काम कर रहे है उसके लिए बड़ा दिल चाहिए। वह ऐसे ही लोगों की मदद करते रहे और स्वस्थ रहे। आज वह हकीम साहब का तेह दिल से शुक्रिया अदा करते है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



