जोड़ों का दर्द एक मामूली समस्या बन चुकी है, जो बढ़ती उम्र के साथ और भी बढ़ने लगती है अक्सर हमने आपने तो जरूर सुना होगा कि कोई बुजुर्ग व्यक्ति अगर नहीं चल पा रहा है तो उसे जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है इस उम्र में आपको ये दर्द झेलना पड़ सकता है, पर आज की बदलती लाइफस्टाइल में ना सिर्फ बुजुर्ग बल्कि कम उम्र के युवा भी काफी प्रभावित हो रहे हैं। आपको बता दें जोड़ों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं जैसे- हड्डियों की कमजोरी, गलत तरीके से बैठना, खिचांव, चोट इत्यादि। जोड़ों के दर्द की समस्या को समय रहते ही सही करना चाहिए। वरना यह समस्या समय के साथ काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ है नज़मा जी के साथ। आइये जानते हैं कि उन्होंने अपनी जिंदगी को बेहतर कैसे बनाया और कैसे उन्हें अपने जोड़ों की दिक्कत से राहत मिल पाई?
जानें नज़मा जी की कहानी?
नज़मा जी मुंबई के गौरेगांव ईस्ट, शिवशाही (प्रकल्प) मंत्री पार्क के पास रहती हैं। उनकी उम्र 34 साल है। वह काफी दयालु स्वाभाव की सुलझी हुई महिला हैं और ये उनके बातचीत के ढ़ग से ही पता चल जाता है। आज भी कई लोग जो उनसे मिलते हैं वो उनके स्वभाव को देखकर काफी प्रभावित होते हैं। उनके परिवार की बात करें तो उनका बहुत ही खुशहाल परिवार है जिसमें सभी लोग मिलजुलकर रहते हैं। नज़मा जी के जीवन में सबकुछ सही चल रहा था पर फिर धीरे-धीरे उनके जोड़ों में दर्द बढ़ने लगा। परिवार भी उनके जोड़ों के दर्द को देखकर काफी परेशान रहने लगा कि आखिर उनका ये दर्द कम कैसे होगा?
जोड़ों के दर्द की वजह से घर का काम करने में होती थी काफी मुश्किलें
जोड़ों का दर्द बढ़ने की वजह से घर का काम करने में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। उनकी उंगलियों में और बदन में काफी दर्द रहता था। ऐसी परिस्थिति में उनका मन किसी भी काम में नहीं लग पाता था दर्द बढ़ने के कारण लगातार होने वाला चिड़चिड़ापन उनके परिवार के लिए काफी परेशानी की वजह बन गया। परिवार के सदस्य भी उन्हें इस हालत में देखकर बिल्कुल खुश नहीं थे क्योंकि जो महिला इतनी खुशहाल जिंदगी बिता रही हो अगर उसे परेशानी हो तो काफी मुश्किल हो जाती है। उन्होंने जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए कई डॉक्टरों से भी सलाह ली पर इससे कुछ दिन तो आराम मिल जाता लेकिन फिर से ये दर्द वैसा ही होने लगता। नज़मा जी ने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि वह कभी स्वस्थ हो पाएंगी क्योंकि वो कहते हैं ना दिन अच्छे आते हैं तो बुरे भी आते हैं बस जरूरी है उस बुरे समय में खुद के विश्वास को बनाए रखना।
आखिर नज़मा जी हकीम साहब से कैसे जुड़ी?
फिर एक दिन रोजाना की तरह टी.वी देखते हुए उनकी नजर पड़ी यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब के शो सेहत और जिंदगी पर। नज़मा जी ने देखा कि लोग उनसे अपनी समस्याओं के लिए प्रश्न पूछ रहे थे। जिसमें हकीम साहब काफी अच्छे से लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने देखा कि कई लोगों को यूनानी बूटी से काफी फायदा भी मिला इससे नज़मा जी हकीम जी से काफी प्रभावित हुई और उन्होंने भी मन बना लिया कि अब वो एक बार जरूर यूनानी बूटी का इस्तेमाल करेंगी। हकीम जी से संपर्क करने के बाद नज़मा जी ने अपनी परेशानी के बारे में बताया हकीम जी ने उन्हें जोड़ों के दर्द के लिए गोंद सियाह लेने की सलाह दी। बिना किसी देरी के नज़मा जी ने ATIYA HERBS से गोंद सियाह को मंगवा लिया। हकीम जी के दिशा निर्देश अनुसार इसका सेवन करने से नज़मा जी को काफी फायदा मिलने लगा। पहले जो वो घर का काम नहीं कर पाती थी उठने-बैठने में दिक्कत होती थी पर अब वो यूनानी बूटी अपनाकर काफी कम हो गई है। आज नज़मा जी को स्वस्थ देखकर उनका पूरा परिवार काफी खुश है क्योंकि पहले दर्द होने पर उन्हें कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था।
जोड़ों के दर्द में मिली राहत के बाद अब आसान हो गयी मेरी जिंदगी
नज़मा जी हकीम जी की मेहरबानी से आज स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी बिता रहे हैं। जोड़ों के दर्द में मिली राहत ने उनकी जिंदगी को पहले से काफी आसान बना दिया है। अब वो स्वस्थ होने के बाद अपने दोस्त, और रिश्तेदारों को भी हकीम जी के घरेलू नुस्खे अपनाने की सलाह देती हैं। एक खास बातचीत में उन्होंने बताया कि हकीम जी की टीम के सभी लोग बहुत अच्छे हैं। बहुत ही इज्जत से बात करते हैं। यह उन्हें काफी अच्छा लगता है। नज़मा जी को यूनानी पर पूरा भरोसा हो गया है वो हमेशा यही दुआ करती हैं कि हकीम जी की उम्र लंबी हो और वो इसी तरह लोगों की मदद करते रहें। आज जो वो स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी बिता रही हैं उसका सारा श्रेय वो यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देती हैं।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



