अगर जीवनशैली और खानपान पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो उम्र बढ़ने के साथ शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगी जाती है। इसका असर न सिर्फ हमारी सेहत पर, बल्कि हड्डियों की मजबूती पर भी पड़ता है। धीरे-धीरे शरीर कमजोर होने लगता है, और एक मामूली दर्द भी बढ़ जाता है। अगर समय रहते जीवनशैली में बदलाव न किया जाए, तो यह समस्या इतनी बड़ी हो सकती है कि चलना-फिरना तक मुश्किल हो जाए। आज हम आपको 73 साल के मोहम्मद शब्बीर साहब और उनकी पत्नी 63 वर्षीय राहत बनो जी की प्रेरणादायक कहानी के बारे में बताएंगे, जिन्हें 50 कि उम्र के बाद घुटनों के दर्द ने परेशान कर दिया था, उन्हें कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी राहत नहीं मिल रही थी। चलिए जानते हैं उनकी पूरी कहानी के बारे में कि उन्हें दर्द में कैसे आराम मिला?
जानिए पति-पत्नी की दर्दभरी और प्ररेणादायक कहानी
पटना से 50 किलोमीटर दूर नबी नगर, दुल्हिन बाजार के रहने वाले 73 वर्षीय मोहम्मद शब्बीर साहब और उनकी पत्नी 63 वर्षीय राहत बानो, दोनों रिटायर्ड टीचर हैं। इनकी जिंदगी आरामदायक थी, लेकिन घुटनों का दर्द उनके जीवन में परेशानी लेकर आया। शब्बीर साहब को घुटनों में दर्द की समस्या रिटायरमेंट के बाद शुरू हुई, धीरे-धीरे उनकी ये समस्या इतनी बढ़ गई कि चलना-फिरना, उठना-बैठना मुश्किल हो गया। वह रोजाना साइकिल से बाजार जाते थे, लेकिन दर्द कि वजह से वह साइकिल नहीं चला पा रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके घुटनों में ग्रीस कम हो चुकी थी। कई सालों तक परेशान होने के बाद उनकी जिंदगी दर्द और तकलीफ में ही गुजर रही थी। इसके साथ ही उनकी पत्नी राहत बानो को भी घुटनों में दर्द और पेट से जुड़ी दिक्कत हो गई। दोनों ने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन राहत नहीं मिली। दर्द इतना बढ़ गया था कि चलना-फिरना, उठना-बैठना मुश्किल हो गया था। जीवन में दुखों को पहाड़ टूट पड़ा वो दोनों अपनी परेशानियों से लाचार हो गए थे उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि वो ऐसे समय में क्या करें? पर वो कहते हैं न दुख आता है तो सुख भी आता है शायद इनके जीवन में भी सुख आ जाए और इन्हें दर्द से राहत मिल जाए।
जानिए शब्बीर साहब और उनकी पत्नी राहत बानो को कैसे मिली दर्द से राहत?
शब्बीर जी को घुटनों का दर्द तो था ही पर राहत बानो जी घुटनों के दर्द, पेट की तकलीफ और शरीर में हो रही कमजोरी से परेशान थी। गाँव से लेकर पटना तक कई जगह दिखाने के बावजूद भी उन्हें फायदा नहीं मिल रहा था। जब तक दवा का असर रहता तभी तक आराम मिलता था, असर कम होते ही फिर से असहनीय दर्द और तकलीफ शुरू हो जाती थी। शब्बीर साहब को रिटायरमेंट के बाद घुटनों के दर्द ने बहुत परेशान किया। वह साइकिल चलाने के शौकीन थे, लेकिन दर्द के कारण उन्हें यह भी छोड़ना पड़ा। लेकिन फिर एक दिन टीवी पर उन्होंने मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब का प्रोग्राम सेहत और जिंदगी देखा। जिसमें वह कई तरह की समस्याओं के लिए यूनानी बूटी के बारे में बता रहे थे। इस प्रोग्राम को देखने के बाद उन्होंने सबसे पहले घुटनों के दर्द के लिए बिना किसी देरी के ऑफिशियल वेबसाइट ATIYA HERBS से गोंद सियाह मंगाया। इसके बाद नियमित सेवन से कुछ ही दिनों में दोनों को ही घुटनों के दर्द में राहत मिलने लगी।
इसके अलावा उनकी पत्नी ने भी अपनी पेट कि समस्या के लिए P.CARE और शरीर की कमजोरी के लिए अखरोट प्राश, जिनसे उन्हें बहुत फायदा मिला। अब राहत पाकर दोनों ही काफी स्वस्थ हैं। उनकी पत्नी अब न केवल आसानी से चल-फिर सकती हैं, बल्कि अपने बगीचे के सभी पौधों की देखभाल भी खुद करती हैं। पहले जहां नमाज पढ़ने में भी उन्हें कठिनाई होती थी, अब वह नियमित रूप से नमाज अदा करती हैं। जहां उन्होंने दर्द से राहत पाने की उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन अब शब्बीर साहब के जीवन में एक अद्भुत बदलाव आया। यूनानी बूटी उनके जीवन में नई ऊर्जा लेकर आई है और अब वह सारा दिन खुद से सभी काम कर लेती हैं। आज शब्बीर साहब को न केवल दर्द से राहत मिली है, बल्कि रोजाना 10 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं और अपनी बीवी के साथ रोजाना सुबह टहलने के लिए जाते हैं।
मोहम्मद शब्बीर साहब और उनकी पत्नी की कहानी से जुड़ी कुछ खास परेशानियाँ
- मोहम्मद शब्बीर साहब और उनकी पत्नी राहत बानो को घुटनों में असहनीय दर्द के कारण चलने-फिरने और उठने-बैठने में दिक्कत होती थी।
- राहत बानो को घुटनों के दर्द के साथ-साथ शरीर में कमजोरी की परेशानी थी।
- सीढ़ियां चढ़ना, साइकिल चलाना और मामूली काम करना भी असंभव हो गया था।
जब दर्द में जिंदगी सिमट कर रह जाए तो जिंदगी गुजारना आसान नहीं होता ऐसा ही था उन दोनों पति-पत्नी के जीवन में पर वो कहते हैं न जब एक दूसरे का साथ हो तो किसी भी परेशानी से राहत मिल सकती है शायद शब्बीर जी और राहत बानो की जिंदगी भी कुछ इस प्रकार था लेकिन यूनानी बूटी और हकीम जी के घरेलू नुस्खों ने उनकी पूरी जिंदगी को बदल कर रख दिया। अब बुढ़ापे में वो अपने काम को बिना सहारे कर लेते हैं। दोनों का जीवन पहले से काफी खुशहाल हो गया है और ये सब हकीम जी की दद से ही संभव हो पाया। आइये जान लेते हैं कि दर्द से राहत मिलने के बाद उनके जीवन में क्या-क्या बदलाव आए?
हकीम साहब के नुस्खे अपनाने के बाद आए महत्वपूर्ण बदलाव :
- गोंद सियाह के सेवन से दोनों को घुटनों के दर्द में राहत मिली और वे फिर से सक्रिय जीवन जीने लगे।
- राहत बानो अब बिना किसी परेशानी के नमाज अदा करती हैं और अपने बगीचे की देखभाल भी स्वयं करती हैं।
- शब्बीर साहब ने दर्द से राहत पाने के बाद रोजाना 10 किलोमीटर साइकिल चलाना शुरू कर दिया।
हकीम सुलेमान खान साहब का तहे दिल से करते हैं धन्यवाद
मोहम्मद शब्बीर साहब और उनकी पत्नी दोनों हकीम सुलेमान खान साहब के यूनानी नुस्खों को अपनाकर खुशहाल जीवन जी रहे हैं। राहत बानो जी ने अपने आँगन में बहुत सारे पेड़ लगा रखे हैं, बिना किसी दर्द के वह उनकी देखभाल करती हैं। दर्द कि वजह से पहले वह नमाज नहीं पढ़ पाती थी लेकिन अब आसानी से बिना किसी दर्द के नमाज पढ़ती हैं। अब मोहम्मद शब्बीर साहब भी घुटनों के दर्द से राहत पाकर अपने सभी काम पहले कि तरह करने लगे हैं। अब उनका कहना है कि, पहले से मेरी जिंदगी बदल गई है। अब मैं पूरी तरह से फिट हूं और सभी काम खुद करता हूं। उनके जीवन में आए इस बदलाव के लिए वह हकीम सुलेमान खान साहब का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। वह यही चाहते हैं कि हकीम जी इसी तरह लोगों की मदद करते हैं ताकि जैसे उन्हें आराम मिला है वैसे ही और लोगों को भी आराम मिलें।
गोंद सियाह क्या है?
यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्य है जो समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। इस पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है उसे गोंद सियाह कहते हैं, यह बहुत ही पौष्टिक होता है और सूखने पर काला और ठोस हो जाता है, इस गोंद में उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रखता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या उनकी संस्था के यूनानी विशेषज्ञों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा या कम मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



