पैरों में होने वाला दर्द बुढ़ापे में एक आम मामूली समस्या बन जाता है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ हड्डियाँ कमजोर हो जाती है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे शरीर का वजन बहुत ज्यादा होना जिस वजह से पैरों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है या किसी चोट, खानपान अच्छा न होने की वजह से पोषण की कमी होना, लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठे रहना या फिर कोई जेनेटिक कारण भी पैरों के दर्द का कारण हो सकता है। पैरों का दर्द एक ऐसी समस्या है जो आपको जीवन भर परेशान कर सकती है अगर आपने समय रहते सही रास्ता नहीं अपनाया तो आपको कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें इस पर खासा ध्यान देने की जरूरत है। कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि पैरों में झनझनाहट होने को लोग यूं ही टाल देते हैं लेकिन बाद में यह समस्या बड़ा रूप ले लेती है। जिसके बाद काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक सच्ची कहानी है लखनऊ के रहने वाले हाजी सरवर हुसैन की जो कई सालों से अपने पैरों के दर्द से काफी परेशान थे पर आज हकीम जी के नुस्खे अपनाकर काफी खुश्हाल जिंदगी गुजार रहे हैं। आइये जानते हैं कि उन्हें पैरों के दर्द में राहत कैसे मिल पाई?
जानिए हाज़ी सरवर हुसैन की सच्ची कहानी?
लखनऊ के रहने वाले हाजी सरवर जी अपने परिवार के साथ काफी अच्छी जिंदगी व्यतीत कर रहे थे। पहले वह सुनार का काम किया करते थे। जिससे उनका परिवार का भरण पोषण होता था। वह काफी दयालु स्वभाव के व्यक्ति हैं लोग उनके इसी व्यवहार से काफी प्रभावित होते थे। आपको बता दें हाजी सरवर जी अपने पैरों की समस्या को लेकर काफी परेशान रहते थे। पैरों में लगातार झनझनाहट से उनकी परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती। उनके लिए उठने- बैठने से लेकर घूमना- फिरना तक मुश्किल हो गया था। वो अपनी समस्या को लेकर काफी परेशान रहने लगे। वह चाहते थे कि उन्हें अपनी परेशानी में आराम मिल जाए क्योंकि उनकी ये परेशानी उनके जीवन की सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही थी। हर जगह चक्कर लगाकर वह काफी थक चुके थे क्योंकि इससे उनको थोड़े समय के लिए ही आराम मिलता और फिर थोड़ी देर बाद असर कम हो जाता साथ ही वैसे ही दर्द फिर से शुरू होने लग जाता। उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि वह अब कभी स्वस्थ हो पाएंगे। वो कहते हैं ना अगर जीवन में सुख आता है तो दुख भी आता है बस ऐसे समय में जरूरत है खुद को मजबूत बनाएं रखने की। शायद अब वो दिन आ गए थे जब हाजी सरवर जी के जीवन से दुख कम होने वाला था।
पैर दर्द के कारण हुई ये परेशानियां:-
- एक कदम चलने के लिए भी इन्हें लेना पड़ता था सहारा ।
- पूरे शरीर में होने लगी थी कमजोरी जिसकी वजह से दर्द सहा नहीं जाता था।
- हाज़ी जी का पूरा परिवार चिंतित था क्योंकि वो न तो खाना खाते थे न उठ-बैठ पा रहे थे।
हकीम साहब से जुड़कर जीवन में आया नया मोड़
हाजिरा जी की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब वह यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब से वह जुड़े। साथ ही उन्होंने जब हकीम जी का बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी देखा जहां हकीम जी बूटी के बारे में बता रहे थे। हकीम जी का यह शो देखकर हाजी सरवर जी काफी खुश हो गए मानों उन्हें एक आस नजर आयी हो। इस प्रोग्राम में उन्होंने अनेक लोगों को सुना जो सालों से जोड़ों के दर्द से परेशान थे और बताई हुई यूनानी बूटी अपनाने के बाद जोड़ों के दर्द से राहत पा चुके थे। फिर क्या था उन्होंने बिना देरी किये हकीम जी की वेबसाइट ATIYA HERBS से गोंद सियाह मंगाया और हकीम जी के निर्देशानुसार उसका सेवन करना शुरु कर दिया। हकीम जी की बूटी के सेवन से हाजी सरवर जी को अपनी समस्या में आराम मिल गया। आज वो बेहद स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी गुजार रहे हैं। हाजी सरवर जी का कहना है कि वो अपनी पत्नी की परेशानी में भी हकीम जी के घरेलू नुस्खों को अपनाने की सलाह देते है। हाजी सरवर जी को पैर की समस्या के साथ-साथ पेट की भी समस्या हो गई थी जिसके लिए उन्होंने यूनानी बूटी को अपनाया। वह हकीम जी से इतने प्रभावित हैं कि लोगों को भी हकीम जी से जुड़ने की सलाह देते हैं।
इनके जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव:
- पैरों के दर्द से राहत मिल गई है अब चलने में कोई तकलीफ नहीं।
- सीढ़ियाँ आसानी से चढ़ जाते हैं, और बिना किसी सहारे के काम करते हैं।
- बुढ़ापे में पैरों के दर्द की चिंता अब हाजी सरवर हुसैन जी को नहीं होती।
पहले से अब इनकी जिंदगी हुई खुशहाल
आज हाजी सरवर जी हकीम जी का काफी शुक्रिया अदा करते है। वह हकीम जी के लिए लंबी आयु की दुआ मांगते है। ताकि ऐसे ही हकीम जी सबकी मदद करते रहे और लोग खुद को स्वस्थ करते रहे। इसी के साथ हाजी सरवर जी बताते हैं कि जब उन्हें पैरों की समस्या हो गई थी तो उनका उठना- बैठना, चलना- फिरना तक मुश्किल हो गया था। लेकिन बूटी का सेवन करके अब उनकी कई परेशानी पहले से कम हो गई है। अब वह आराम से चल फिर सकते हैं। कहीं भी आ जा सकते हैं। अब उनकी जिंदगी पहले से काफी आसान हो गई है। जो आज वह सेहतमंद जिंदगी गुजार रहे हैं उसका श्रेय वह यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देते हैं।
घुटनों, कमर और पैरों के दर्द को कम करने के लिए यूनानी चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग किया जाता है – हकीम सुलेमान खान साहब।
गोंद सियाह क्या है?
यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्य है जो समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। इस पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है उसे गोंद सियाह कहते हैं, यह बहुत ही पौष्टिक होता है और सूखने पर काला और ठोस हो जाता है, इस गोंद में उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रखता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या उनकी संस्था के यूनानी विशेषज्ञों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा या कम मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5537
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



