जिंदगी बहुत छोटी सी है कई बार कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती है जो हमारे जीवन को दर्द और तकलीफ में डाल देती हैं, जिससे हमारी जिंदगी बहुत कठिन हो जाती है और अगर ये परेशानी बुढ़ापे में हो तो हजारों कोशिशों के बावजूद उस दर्द और तकलीफ से राहत नहीं मिल सकती है। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं सीनियर एडवोकेट हाज़ी अजलाल बर्नी जी जिनके लिए कमर और घुटनों का दर्द एक बड़ी मुसीबत बन गया। 70 साल से ज्यादा की उम्र में अगर ये परेशानी बढ़ जाए तो इस बात का अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है कि ये दर्द कितना असहनीय हो सकता है लेकिन जब इंसान हार न माने तो ऊपर वाला भी कोई न कोई रास्ता तो दिखा ही देता है। शायद ऊपर वाले को भी यही मंजूर था। हाज़ी अजलाल बर्नी जी की इस समस्या के लिए उन्हें मिली हकीम साहब की बूटी जिसके बाद मानों उनकी हर तकलीफ कम हो गई हो। चलिए जानते हैं आखिर वकील साहब ने कैसे इस दर्द से राहत पाई और कौन सी बूटी के सेवन से अपने आपको बेहतर और स्वस्थ किया?
जानिए कौन है हाज़ी अजलाल बर्नी?
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सिविल सेशन कोर्ट में 26 साल से काम करने वाले सीनियर वकील साहब हाज़ी अजलाल बर्नी जी काफी दयालु स्वभाव के व्यक्ति हैं। वह सालों से कोर्ट में केस लड़ते आ रहे हैं और उनका यही संघर्ष उन्हें यहां तक ला पाया है। वह न सिर्फ वकालत करते हैं बल्कि कोर्ट में बार एसोसिएशन के मेंबर भी हैं। वकील साहब की उम्र 70 से ज्यादा है ऐसे में उनके लिए स्वस्थ रहना भी बहुत जरूरी है। उनके सहयोगी भी उनकी वकालत को देखकर काफी कुछ सीख लेते हैं। काम के प्रति उनकी जिम्मेदारी ये दर्शाती है कि वो हर तकलीफ सह सकते हैं पर काम में कोई लापरवही नहीं करते हैं। यही उनकी पहचान है और इसी से उनका पूरा व्यक्तित्व है। इनके जीवन में घुटनों का दर्द, कमर का दर्द एक बड़ी परेशानी बनकर सामने आया। जिसके बावजूद इन्होंने हार नहीं मानी।
वकील साहब हाज़ी अजलाल बर्नी के जीवन में आया मुश्किल समय
हाज़ी अजलाल बर्नी जी के लिए बुढ़ापे में घुटनों का दर्द एक बड़ी परेशानी बनकर सामने आया। इसकी वजह से उनके काम पर भी असर देखने को मिला और तो और पहले जहां वो फुर्ती के साथ अपना सारा काम कर लेते थे पर घुटनों के दर्द की वजह से उन्हें कई सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ये तो हम सभी जानते हैं कि वकालत एक ऐसा पेशा है जिसमें भागदौड़ बनी रहती है पर अगर घुटनों का दर्द बढ़ जाए तो सिर्फ दूर-दूर तक मुसीबत ही नजर आती है ऐसा ही कुछ हुआ वकील साहब हाज़ी अजलाल बर्नी के साथ। घुटनों का दर्द होने की वजह से वो चेंबर में बैठने को मजबूर हो गए थे और बाकि का सारा काम उनके सहयोगी ही किया करते।
उनका दर्द इतना भयंकर था की उनके लिए उठना तक मुश्किल हो गया था। वकील साहब ने दर्द को कम करने के लिए कई प्रयास किये पर हर जगह से निराशा ही हाथ आई। इन्होंने कई डॉक्टरों को भी दिखाया पर आराम नहीं मिला। कई महीनों तक यही सिलसिला चलता रहा लेकिन दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था। कुछ महीनों में ही दर्द इतना बढ़ गया कि उनका चलना-फिरना तो दूर खड़े रहना तक मुश्किल हो गया था। मजबूरी में जब कभी उन्हें चलना पड़ता था तो वह सहारा लेकर चलते थे। मानों उन्हें ऐसा लगने लगा था कि उनके लिए सामान्य जीवन गुजारना मुश्किल है। लेकिन वो कहते हैं न एक वकील सब से लड़ जाता है बस चाहिए सच का साथ और हिम्मत। यही हाजी अजलाल बर्नी के साथ था उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ऐसे में ऊपर वाला भी आपका साथ दे ही देता है। दरअसल जब सारी परेशानियों से वो घिर गए तो उन्हें पता चला हकीम जी की बूटी के बारे में क्योंकि ये कहा जाता है कि समय बुरा है तो अच्छा भी आएगा और अच्छा है तो बुरा भी आएगा। शायद वकील साहब का बुरा वक्त गुजरने ही वाला था। आइय कैसे वो जान लेते हैं?
हकीम सुलेमान खान साहब से जुड़कर मिली घुटनों के दर्द में राहत की उम्मीद
घुटनों के दर्द से परेशान होने के बाद हाजी अजलाल बर्नी जी ने एक दिन टीवी पर हकीम सुलेमान खान साहब का प्रोग्राम सेहत और जिंदगी देखा। जिसमें हकीम सुलेमान साहब जोड़ों के दर्द के साथ-साथ दर्द संबंधी अनेक समस्याओं के लिए यूनानी नुस्खों के बारे में बता रहे थे। कई लोग लाइव जुड़कर उनसे बातचीत भी कर रहे थे। इस प्रोग्राम में दर्द से परेशान कई ऐसे व्यक्ति जुड़ रहे थे जो हकीम सुलेमान खान साहब के नुस्खों का सेवन करने के बाद सालों-साल पुराने दर्द से राहत पा चुके थे। इस देखते हुए वकील साहब के मन में उम्मीद की एक किरण जागी की शायद वो भी पहले की तरह स्वस्थ हो सकते हैं। ऐसे में स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर संपर्क करके हाज़ी अजलाल बर्नी जी ने हकीम जी से सलाह ली और उन्हें गोंद सियाह के बारे में पता चला जो कि जोड़ों के दर्द में एक असरदार बूटी है। फिर क्या था वकील साहब ने हकीम साहब की ऑफिसियल वेबसाइट ATIYA HERBS से गोंद सियाह मंगा लिया और सेवन शुरू कर दिया। हकीम जी के दिशा-निर्देश अनुसार वकील साहब ने इस बूटी का सेवन किया इसके सेवन से लगभग दो महीने में दर्द में काफी आराम मिलने लगा। वह कहते हैं कि उन्हें लगभग 95 प्रतिश्त आराम मिला है। गोंद सियाह से उनका पूरा जीवन ही बदल गया। साथ ही आपको बता दें गोंद सियाह के साथ उन्होंने आर.केयर कैप्सूल का भी सेवन किया है। पहले जहां वो सीढ़ी नहीं चढ़ पाते थे उठ बैठ नहीं पाते थे अब वो सारे काम आसानी से कर लेते हैं। इसके अलावा जो उनकी सोशल लाइफ थम गई थी वो अब वैसी नहीं है।
यूनानी नुस्खे अपनाने के बाद आए महत्वपूर्ण बदलाव:-
- गोंद सियाह के सेवन से घुटने का दर्द हुआ कम और जीने लगे सामान्य जीवन।
- पहले जहां वह उठ-बैठ नहीं पाते थे अब वो आसानी से सारे काम कर लेते हैं।
- वकील साहब अब फिर से करने लगे अपनी वकालत।
वकील साथियों ने बताया हाजी अजलाल बर्नी जी की परेशानी के बारे में
कोर्ट में साथी वकीलों से हाजी अजलाल बर्नी जी की तकलीफ देखी नहीं गई, क्योंकि जिन लोगों के साथ हम काम करते हैं वो हमारे परिवार की तरह बन जाते हैं। ऐसे में उनके सहयोगी भी उन्हें देखकर काफी परेशान थे। एक वकील ने बताया कि उन्हें घुटनों में, कमर में इतना दर्द होता था कि वो चल नहीं पाते थे और ज्यादातर चेंबर में बैठे रहते या फिर कोर्ट से छुट्टी ले लिया करते थे। वहीं उनके दूसरे साथी ने बताया कि जब से वो हकीम जी का गोंद सियाह खा रहे हैं तब से उन्हें काफी आराम है यहां तक कि उन्हें भी ये पता है कि इस बूटी का सेवन कैसे करना है? अब आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कैसे उनके सहयोगी भी उनकी मदद के लिए हमेशा साथ खड़ रहे।
स्वस्थ होने के बाद दूसरों को देते हैं यूनानी बूटी अपनाने की सलाह
घुटनों के दर्द और कमर दर्द में मिले आराम के बाद आज वो बेहतर जिंदगी गुजार रहे हैं और ये सिर्फ हकीम जी की मदद से ही संभव हो पाया है। इसका सारा श्रेय वो हकीम सुलेमान खान साहब को ही देते हैं। वकील साहब यही चाहते हैं कि हकीम जी इसी तरह लोगों की मदद करते रहें और जैसे उन्हें फायदा मिला वैसे ही और लोगों को मिले। वह बताते हैं कि लोगों को घुटनों का ऑपरेशन कराने की नौबत तक आ जाती है पर यूनानी बूटी की मदद से ऐसा नहीं हुआ तो जो भी लोग दर्द से परेशान हैं एक बार यूनानी नुस्खों को जरूर आज़माए।
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रख सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



