यदि शरीर को स्वस्थ रखने की बात की जाये तो स्वास्थ्य को देखते हुए वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या घुटनों का दर्द है। जिससे बुजुर्गों के साथ-साथ युवा भी परेशान हो रहे हैं। घुटनों का दर्द एक ऐसा दर्द है जो उम्र के बढ़ने के साथ ही काफी तकलीफदेह भी हो जाता है। इस दर्द के कारण व्यक्ति का चलना-फिरना, उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या को शुरूआत में ही सही किया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो यह एक बड़ी समस्या बन जाती है। इस समस्या में कितना दर्द हो सकता है शायद आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। आज हम आपको बताएंगे दिल्ली की रहने वाली दयावती से जुड़ी सच्ची कहानी के बारे में जिनके पति महेंद्र सिंह घुटनों के दर्द से काफी परेशान थे। आइये जानते हैं कि कैसे उन्होंने अपने पति को स्वस्थ किया और हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए आगे खड़ी रहीं।
जानें कौन है दयावती जी?
दिल्ली की रहने वाली दयावती जी काफी दयालु स्वभाव की महिला हैं। वह हमेशा से हर किसी की मदद करने के लिए तैयार रहती हैं। दयावती जी काफी सुलझी हुई महिला हैं, इसलिए लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। अगर उनके जानकार में किसी को भी कोई परेशानी होती है तो वह सबसे पहले दयावती जी से सलाह लेते हैं। उनके परिवार के आस पास के लोग भी उनका काफी सम्मान करते हैं। दयावती जी एक सम्मानित गृहिणी हैं, जिन्होंने अपना घर पूरी ज़िम्मेदारी के साथ संभाला हुआ है। दयावती जी के पति काफी समय से घुटनों के दर्द से परेशान थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। जिसकी वजह से दयावती जी भी काफी परेशान रहने लगी। दिल्ली की रहने वाली दयावती जी अपने छोटे और हंसते खेलते परिवार के साथ जीवन बिता रही हैं।
उनका बहुत छोटा और खुशहाल परिवार है। जिनके साथ वह भी रहती हैं। उनके परिवार में कुल मिलाकर पाँच लोग हैं। परिवार में उनके पति महेंद्र सिंह जी, एक बेटा और एक बेटी, बेटी का एक छोटा बेटा भी दयावती जी के साथ रहता हैं। दयावती जी का बेटा मुंबई में बिज़नेस करता है। दयावती जी की बेटी स्टेट बैंक में मैनेजर की नौकरी करती है। दयावती जी के पति 5 साल पहले डीटीसी से रिटायर्ड हो गए थे।
आखिर दयावती जी के पति को कौन सी परेशानी हुई? जानें पूरी कहानी?
आपको बता दें कुछ साल पहले दयावती जी के पति महेंद्र सिंह जी के घुटने में दर्द हुआ और दर्द धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि वह चल भी नहीं पाते थे। उनके पति घुटनों के दर्द से काफी परेशान थे की तब तक उन्हें एक और समस्या हो गयी जिसकी वजह से वो पूरी तरह से बेड पर रहने लगें। यही नहीं इसके साथ साथ उन्हें कमर की दिक्कत भी शुरू हो गयी। अपनी समस्याओं से परेशान महेंद्र जी को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। दयावती जी ने दर्द को कम करने की कई सारी कोशिश की पर आराम नहीं मिला। दयावती जी ने आस ही छोड़ दी थी की उनके पति को कभी आराम मिल सकता है। शायद उनका ये समय काफी खराब चल रहा था। उन्होंने कई डॉक्टर को भी दिखाया।
पर उन्हें कोई आराम मिलता नजर नहीं आ रहा था। महेंद्र सिंह जी ने अपनी समस्याओं के लिए ना जाने कितने डॉक्टर्स बदले, और ना जाने अपनी समस्या में कितने रुपए लगाए। लेकिन उन्हें अपनी दिक्कतों में फायदा ही नहीं मिल रहा था। महेंद्र सिंह जी अपनी कई परेशानियों के कारण बेड से उठ भी नहीं पाते थे। उनके इस मुश्किल समय में दयावती जी ने उनका पूरा साथ दिया। महेंद्र सिंह जी अपने दर्द से बिल्कुल हार मान चुके थे, पर कहते हैं ना जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो ऊपरवाला किसी को फरिश्ता बना कर मदद के लिए भेजता है और दयावती जी के पति महेंद्र सिंह जी की जिंदगी में वो फरिश्ता हकीम सुलेमान खान साहब हुए। जिन्होंने उनकी परेशानी को कम किया और एक बेहतर स्वास्थ्य दिया।
दयावती जी की कहानी से जुड़े खास महत्वपूर्ण बिंदु
- उनके पति हर जगह से हार मान चुके थे पर फिर मिली उम्मीद की किरण
- घुटनों का दर्द बढ़ने से बढ़ी इनके जीवन की मुश्किलें
- उठने-बैठने के लिए भी लेना पड़ता था दूसरों का सहारा
इस तरह मिली दयावती जी के पति को दर्द से राहत
आपको बता दें दयावती जी एक दिन रोजाना की तरह टीवी देख रही थीं। तभी उन्होंने मशूहर हकीम सुलेमान खान साहब जी का शो सेहत और जिंदगी देखा। दयावती जी हकीम साहब द्वारा लोगों की मदद करने की कोशिश से काफी प्रभावित हुई। साथ ही वह नियमित रूप से शो देखने लगी। दयावती जी को हकीम साहब के रूप में अपने पति के लिए एक नई उम्मीद दिखाई देने लगी। उन्हें हकीम सुलेमान खान साहब जी का शो में पहली बार नई – नई बूटियों के बारे में सुना। दयावती जी ने भी देर ना करते हुए शो में दिखाए गए नंबर पर कॉल किया और अपने पति की परेशानी को बताया। हकीम साहब की टीम ने दयावती जी की परेशानी को सही से सुना और समझा और फिर बूटी इस्तेमाल करने की सलाह दी।
देर ना लगाते हुए ATIYA HERBS से बूटी को ऑर्डर किया गया और नियम से लेना शुरू कर दिया। जैसा हकीम साहब जी ने बताया था वैसे ही अपने पति महेंद्र सिंह जी को खिलाया। सिर्फ कुछ ही दिनों के अंदर महेंद्र सिंह जी को असर दिखना शुरू हो गया। उनके घुटनों में दर्द कम होने लगा। जब उन्हें फायदा दिखने लगा तो उन्होंने हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को भी अजमाना शुरू कर दिया। पहले तो उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था जड़ी बूटी अपनाने के बाद उन्हें हकीम जी पर काफी विश्वास हो गया है और उनकी परेशानी कम हो गई।
हकीम जी की बूटी को अपनाकर कैसे बदली जिंदगी?
- अब दयावती जी के पति को घुटनों के दर्द में काफी राहत है
- सेहत और जिंदगी प्रोग्राम से अब लगातार जुड़े हुए हैं
- पहले जो बेहतर होने की उम्मीद छोड़ दी थी अब वो फिर से जाग गई है
अब घर-घर पहुँचा रही हैं हकीम जी का संदेश
दयावती जी के पति महेंद्र सिंह जी अब वो सारे काम कर पाते हैं, जो वो अपने घुटने के दर्द की वजह से नहीं कर पाते थे। हकीम जी ने महेंद्र जी की ज़िंदगी बदल कर रख दी। आज दयावती जी, महेंद्र जी और उनके दोनों बच्चे हकीम साहब का बहुत धन्यवाद करते हैं और इतना ही नहीं, अब हकीम सुलेमान खान साहब द्वारा बताए गये तरीको को पूरा परिवार, दोस्त और रिश्तेदार सब अजमाया करते हैं। आज वह अपनी स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी का सारा श्रेय वह हकीम सुलेमान खान साहब को देते हैं। दयावती जी अब हकीम साहब की बूटी को दूसरों तक पहुंचाने में अपनी ओर से काफी प्रयास करती हैं। ताकि जिस तरह से उन्हें और उनके पति को फायदा पहुँचा उसी तरह और लोगों को भी अपनी समस्याओं में फायदा मिले यही दयावती जी चाहती हैं और हकीम साहब ऐसे ही जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहें।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
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