जब जिंदगी में परेशानियां आ जाएं तो हर इंसान के लिए वो काफी मुश्किल वक्त होता है और हो भी क्यों न क्योंकि बढ़ती तकलीफें आपकी हिम्मत को जो कम कर देती हैं। ऐसे में व्यक्ति खुद से नज़रे भी नहीं मिला पाता। ऐसी ही एक महिला हैं जिनके जीवन में कमर दर्द ने परेशानियां ला दी। इसकी वजह से उनके लिए उठना-बैठना, चलना भी काफी मुश्किल हो गया था। जिनकी हम बात कर रहें हैं वो है आशा शर्मा। अपनी बढ़ती कमर की दिक्कत से घर का काम करना उनके लिए दिनों-दिन काफी तकलीफदेह हो गया। वैसे तो कमर दर्द होने की कई सारी वजह हो सकती है। जिसमें से एक है कि गलत पोश्चर में बैठे रहना, यह भी एक मुख्य कारण होता है। ऐसे में खुद को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है, कि एक ही स्थान पर बैठे रहने से बचने की कोशिश करें और अपने पैरों को एक्टिव रखने के लिए मूवमेंट करते रहें। आइये जानते हैं आशा शर्मा की कहानी कि कैसे उन्होंने परेशानियां होने के बावजूद भी हिम्मत नहीं हारी और कमर दर्द को पीछे छोड़ जिंदगी में आगे बढ़ी?
जानिए आशा शर्मा जी की सच्ची कहानी?
दिल्ली के विनोद नगर वेस्ट में रहने वाली आशा शर्मा की उम्र 61 साल की है। जहां इस उम्र में लोग बिस्तर पकड़ लेते हैं वहां आशा जी बखूबी अपने घर की जिम्मेदारियों को निभाने से पीछे नहीं हटती। घर का काम हो या परिवार की जिम्मेदारियां उन्होंने अपने हौसले को हमेशा बरकरार रखा। अगर आशा जी के स्वभाव की बात करें तो वह काफी दयालु स्वभाव की महिला हैं लोगों की मदद करना उन्हें काफी अच्छा लगता है। इसका अंदाजा हम उनके बातचीत के ढंग से भी लगा सकते हैं। आशा जी का एक खुशहाल परिवार जिसमें सभी लोग काफी मिलजुलकर रहते हैं। उनके परिवार में उनकी जेठानी, देवरानी, पति और बेटा हैं। आशा जी के पति ऑटो ड्राइविंग का काम करते हैं जिससे उनके घर का गुजारा होता है पर न जानें उनके हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई। आशा जी का कमर दर्द बढ़ने से उनका परिवार भी हमेशा चिंता में डूबा रहता था कि क्या ये कमर दर्द कभी कम भी होगा।
कमर दर्द ने बढ़ा दी थी जीवन की मुश्किलें, जानिए कैसे?
आपको बता दें आशा जी को लगभग 5-6 सालों से कमर में असहनीय दर्द होता था, पर धीरे-धीरे उनकी ये समस्या काफी बढ़ने भी लगी थी। कमर दर्द बढ़ने से आशा जी को घर का काम जैसे झाडूं पोंछा करने, झुककर काम करने, कपड़े धोने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वो बताती है कि वह कई बार गिर भी चुकी हैं तो शायद उन्हें इसकी वजह से भी शायद कमर की समस्या हो सकती है। कमर दर्द इतना था कि वो उनके बर्दाश्त से बाहर था। इनकी तकलीफ को देख आशा जी के पति ने उनके लिए ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन भी खरीद दी ताकि उन्हें झुककर कपड़े धोने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, अब इसका हल तो निकल गया पर कमर का दर्द अब भी उनकी परेशानी का कारण था।
बढ़ती समस्या को देखते हुए वो हमेशा एक डॉक्टर को दिखाया करती थी जिससे उनका पूरा परिवार जुड़ा हुआ था। एक महीने तक उनकी दवा लेने के बाद भी आराम मिलता नजर नहीं आ रहा था। इसे देख उनकी चिंता और बढ़ने लगी और उनके मन में हमेशा एक ही सवाल आता कि क्या उनका ये कमर का दर्द कभी कम होगा भी या नहीं, क्योंकि वो कहते हैं न हर किसी के जीवन में सुख आते है तो दुख भी आते हैं, शायद आशा जी के जीवन में भी सुख के दिन आने वाले थे।
हकीम जी से मिलने के बाद बदलने लगी आशा जी की जिंदगी
एक दिन रोजाना की तरह टी.वी देखते हुए आशा जी की नजर हकीम सुलेमान खान साहब के बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी जिसमें हकीम जी लोगों को उनकी समस्याओं के लिए यूनानी नुस्खे अपनाने की सलाह दे रहे थे और उनमें से कुछ लोगों को हकीम जी की यूनानी बूटियों से काफी आराम भी मिला। इसी को देख आशा शर्मा काफी प्रभावित हुई और उन्होंने बिना किसी देरी के यूनानी नुस्खे अपनाने का मन बना लिया। हकीम जी से संपर्क करने के बाद आशा जी को हकीम जी ने गोंद सियाह खाने की सलाह दी। बिना देरी किये उन्होंने गोंद सियाह को ATIYA HERBS की वेबसाइट से ऑर्डर कर मंगा लिया फिर हकीम जी के दिशा निर्देश अनुसार इसका सेवन किया। जिससे कुछ ही दिनों बाद उन्हें आराम मिलना शुरू हो गया। अब वो पहले से काफी बेहतर जिंदगी गुजार रही हैं। जहां वह पहले उठ-बैठ नहीं पाती थी, चल नहीं पाती थी, कोई भी काम सही से नहीं कर पाती थी यहां तक की बैठकर पोछां नहीं लगा पाती थी वो आज अच्छे से अकेले अपना पूरा घर संभाल लेती हैं यहां तक की अब बैठकर सही ढंग से पोछां भी लगा लेती हैं। उनकी जिंदगी में जो बदलाव आया है वो सिर्फ और सिर्फ यूनानी बूटी की मदद से ही संभव हुआ है।
आशा जी को मिलते आराम को देखते हुए उन्होंने सोचा कि क्यों न उनके पति को भी यूनानी नुस्खे अपनाने की सलाह दे दी जाए। दरअसल उनके पति का कुछ समय पहले एक्सीडेंट हो गया था जिसकी वजह से पैरों की नसों में प्रॉब्लम होनी शुरु हो गई थी। अपनी इस परेशानी में उन्होंने भी गोंद सियाह का सेवन किया। जिसके बाद इस बूटी का असर कुछ ही दिनों में दिखने लगा और आशा जी इसे देखकर काफी खुश हो गई और भी क्यों न? क्योंकि इससे उनके पति को जो आराम मिला था। आशा जी बताती हैं कि उनके पति को भी काफी दिक्कत हो गई पर उन्होंने यूनानी बूटी की मदद से अपनी सारी परेशानियों को पहले से काफी कम कर लिया था। इसके लिए उनके पति ने लहसुन, नींबू, अदरक, जैतून सिरके से बना हकीम जी का घरेलू नुस्खा भी अपनाया।
कमर दर्द में मिले आराम के बाद अब लोगों को देती हैं सलाह
आशा जी को जो कमर दर्द में आराम मिला है उसकी उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि वह कभी पहले की तरह स्वस्थ हो जाएंगी। इसे देख वो काफी भावुक भी हो जाती हैं। वह हकीम जी के लिए दिल से दुआ करती हैं कि उनकी उम्र लंबी हो और जिस तरह से उन्हें आराम मिला है उसी तरह से और लोगों को भी यूनानी बूटियों से आराम मिल सकें। इसके लिए वह अपने दोस्त, रिश्तेदारों को भी यूनानी बूटी अपनाने की सलाह देती हैं। इस प्रकार से हकीम सुलेमान खान साहब के साथ जुड़ने के बाद, आशा शर्मा को न सिर्फ कमर दर्द में आराम मिला बल्कि उनका स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हो गया, अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर अब वह एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन की दिशा में आगे बढ़ी हैं और इसका सारा श्रेय वह यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब को देती हैं।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
गोंद सियाह क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5521
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



