घुटनों का दर्द एक ऐसी समस्या है जो जिंदगी की रफ्तार को धीमा कर देती है। इससे परेशान व्यक्ति को हर कदम मुश्किल लगने लगता है। यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में देखी जा सकती है,हालांकि आजकल की खराब जीवनशैली, असंतुलित खानपान और मोटापे की वजह से कम उम्र में भी ये समस्या लोगों में देखने को मिलती है। कुछ ऐसी ही कहानी है पटना के आयुषी कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर में रहने वाले अर्जुन विश्वकर्मा की जो कई सालों से घुटनों के दर्द से परेशान थे। घुटनों में इतना दर्द था कि घर से दुकान तक जाने में भी उन्हें बैठना पड़ता था, पैरों को सीधा करके खाना पड़ता था, वह लंगड़ाकर चलने के लिए मजबूर हो गए थे, वह सही से नहीं बैठ पा रहे थे। घुटनों के दर्द की वजह से उनकी अच्छी-खासी जिंदगी थम सी गई थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और नए-नए तरीके अपनाते रहे। यही वजह है कि एक ऐसा तरीका उनके हाथ लगा जिसने उन्हें घुटनों के दर्द से राहत दिलाकर एक नई जिंदगी दी। आइए जानते हैं, अर्जुन जी ने घुटनों के दर्द से बुढ़ापे में राहत कैसे पाई?
जानिए अर्जुन जी की दर्द भरी कहानी ?
अर्जुन विश्वकर्मा जी पटना के रहने वाले हैं और व्यवहार में काफी कुशल और सज्जन लगते हैं। दूसरों की मदद के लिए वो हमेशा तैयार खड़े रहते हैं ये उनके स्वभाव में ही नजर आता है। उनकी खुशहाल जिंदगी अच्छी चल रही थी पर घुटनों का दर्द उनके लिए परेशानी बनकर सामने आया। एक दिन बाहर जाते समय अर्जुन जी को अचानक ही घुटनों में दर्द होने लगा। अचानक हुए घुटने के दर्द ने उन्हें कई सालों तक परेशान किया। यह दर्द धीरे-धीरे उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी परेशानी बन गया था। घुटनों में इतना दर्द था, मानो हर कदम मुश्किल हो गया हो। घुटनों के दर्द ने उनके जीवन को इस तरह प्रभावित किया कि चलना-फिरना, यहां तक कि सामान्य काम करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया। हर कदम लंगड़ाकर चलता हुआ उनका शरीर थक चुका था, जिससे उनका आत्मविश्वास टूटने लगा था। रिश्तेदारों से मिलना-जुलना, बाहर जाना या किसी भी सामाजिक गतिविधि में हिस्सा लेना उनके लिए असंभव सा हो गया था। दर्द की वजह से उनका मनोबल टूट चुका था, और उनकी जिंदगी उन्हें बोझ लगने लगी थी। घर के अंदर भी वो छोटी-छोटी चीजों के लिए दूसरों पर निर्भर हो गए थे। उनकी आंखों में दर्द के साथ-साथ एक उदासी झलकती थी।
इस दर्द से राहत पाने के लिए उन्होंने कई जगह दिखाया पर हर बार उम्मीद लेकर जाते और निराशा लेकर लौटते। परेशान होते हुए भी उन्होंने दर्द कम करने के लिए कई तरीके आजमाएं, लेकिन नतीजा वही रहा। उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि हर सुबह दर्द के साथ शुरू होती थी, और हर रात बेचैनी में बीतती। अर्जुन जी को ऐसा लगने लगा था कि उनकी जिंदगी मानों मुश्किलों से भर गई हो। फिर भी, कहीं न कहीं उनके मन में एक उम्मीद थी कि शायद किसी दिन इस तकलीफ से राहत मिले। बस इसी उम्मीद के सहारे उनकी जिंदगी कट रही थी।
आखिर हकीम सुलेमान खान साहब से जुड़ना कैसे हुआ?
अर्जुन जी की जिंदगी ने तब नया मोड़ लिया जब एक दिन उन्होंने यूट्यूब पर हकीम सुलेमान खान साहब का चर्चित प्रोग्राम सेहत और जिंदगी देखा। हकीम साहब के इस प्रोग्राम ने उनकी उम्मीदों को फिर से जगा दिया। इस प्रोग्राम में उन्होंने देखा कि कैसे अन्य लोग, जो लंबे समय से कमर और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से परेशान रहे थे, हकीम साहब के बताए तरीकों को अपनाकर राहत पा चुके थे। अर्जुन जी को लगा कि जब इतने सारे लोगों को फायदा हुआ है, तो उन्हें भी एक बार इसे आज़माना चाहिए। हकीम सुलेमान खान साहब की बातों ने न केवल उन्हें प्रेरित किया बल्कि उनके अंदर यह विश्वास भी जगाया कि उन्हें से राहत मिल सकती है। उन्होंने तुरंत हकीम साहब से जुड़ने का फैसला किया और उनकी ऑफिशियल वेबसाइट ATIYA HERBS से गोंद सियाह मंगवाया। इस बूटी का सेवन शुरू करने के साथ ही अर्जुन जी के अंदर सकारात्मक बदलाव की भावना उत्पन्न हुई। यह फैसला उनकी जिंदगी में एक नई शुरुआत लेकर आया, उन्होंने पहले हफ्ते ही महसूस किया कि उनको दर्द में काफी फायदा मिला। यही देखकर वह काफी खुश हो गए। जो मुश्किलों से भरी जिंदगी वो जी रहे थे उसमें उन्हें काफी राहत मिली।
अर्जुन जी की कहानी से जुड़ी कुछ खास परेशानियाँ:-
- घुटनों में बढ़ते दर्द के कारण चलने-फिरने में परेशानी होती थी।
- दर्द कि वजह से सीधे पैर करके खाना खाना पड़ता था इसलिए किसी रिश्तेदारी में भी नहीं जा पा रहे थे।
- कई जगह दिखाने के बावजूद भी समस्या बनी हुई थी।
हकीम साहब की बूटी से अर्जुन जी को दिखा असर
हकीम जी की यूनानी बूटी का सेवन शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद अर्जुन जी को महसूस होने लगा कि उनके घुटनों का दर्द धीरे-धीरे कम हो रहा है। शुरुआती दिनों में ही घुटनों में हल्का-सा आराम मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ने लगा। साथ ही नियमित सेवन से उनकी स्थिति में से सुधार हुआ, और आज फायदा हो चुका है। पहले जो घुटनों के दर्द की वजह से अर्जुन जी लंगड़ाकर चलते थे, अब वही घुटने उनका साथ देने लगे हैं। वे न केवल आसानी से चल-फिर सकते हैं, बल्कि पहले जहां बैठने-उठने में भी उन्हें परेशानी होती थी, अब वे रोजमर्रा के सभी काम खुद से करने में सक्षम हो गए हैं। अर्जुन जी का जीवन, जो कभी दर्द और असहायता से भरा था पर अब जीवन में एक नई ऊर्जा और सुकून भर गया है। वो कहते हैं न जीवन में दुख आता है तो सुख भी आता है शायद उनके जीवन में भी ये सुख के दिन आ गए थे।
अर्जुन जी के जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव:
- घुटनों के दर्द में पहले से काफी राहत मिली।
- चलने-फिरने और दैनिक कार्य आसानी से बिना दिक्कत के करने में सक्षम हो गए हैं।
- अब उनके जीवन में खुशहाली और ऊर्जा पहले की तरह लौट आई है।
पहले से अब है इन्हें काफी राहत
घुटनों के दर्द में मिले आराम के बाद उन्हें अब अपना काम करने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होती है। आज जो वो स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं उसका सारा श्रेय वह हकीम सुलेमान खान साहब को ही देते हैं। वह यही चाहते हैं कि हकीम जी इसी तरह लोगों की मदद करते रहें। अर्जुन जी बताते हैं कि जब लोग हमें देखकर हमसे पूछते थे कि क्या आपको सच में फायदा मिलता है तो अर्जुन जी कहते कि उन्हें जो फायदा मिला उससे वह संतुष्ट हैं और अगर उन्हें कोई भी व्यक्ति किसी परेशानी में दिखता है तो वह हकीम जी के घरेलू नुस्खे अपनाने की सलाह देते हैं। अर्जुन जी हकीम जी की लंबी उम्र की कामना करते हैं और यहीं चाहते हैं कि वह इसी तरह लोगों की मदद करते रहें।
घुटनों, कमर और पैरों के दर्द को कम करने के लिए यूनानी चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग किया जाता है – हकीम सुलेमान खान साहब।
गोंद सियाह क्या है?
यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्य है जो समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। इस पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है उसे गोंद सियाह कहते हैं, यह बहुत ही पौष्टिक होता है और सूखने पर काला और ठोस हो जाता है, इस गोंद में उस पेड़ के गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रखता है। इसकी खुराक को हकीम साहब या उनकी संस्था के यूनानी विशेषज्ञों द्वारा बताई गयी मात्रा में ही लेना चाहिए। ज्यादा या कम मात्रा में इसका सेवन इसकी काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
आप भी गोंद सियाह मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
011 6120 5537
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5



