शरीर और मांसपेशियों के विकास के लिए प्रोटीन डाइट की आवश्यकता होती है। इसलिए ये एक आवश्यक डाइट है। प्रोटीन का सबसे जरूरी काम इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करना है प्रोटीन डाइट को अपनी डेली रूटीन में शामिल करने से ब्लड शुगर रेगुलेट होता है और मसल्स की ग्रोथ ठीक प्रकार से हो सकती है। दरअसल मांसपेशियां प्रोटीन से बनी होती हैं और मसल्स को मजबूत बनाने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन शरीर में अमीनो एसिड से बना होता है। जो शरीर में लगभग हर सेल्स का निर्माण करता है। बॉडी बनाना आज के कल एक ट्रेंड बन गया है। जिसके चलते लोग तरह-तरह के मार्केट में बन रहे प्रॉडक्टो का इस्तेमाल करते हैं। ताकि वे जल्द से जल्द अपनी बॉडी को मजबूत और शरीर को ताकतवर बना सकें। लेकिन क्या ये सही है? ये सब जानिए एक जिम ट्रेनर से। जो खुद ट्रेनर के साथ-साथ एक बॉडी बिल्डर भी हैं। उन्होंने अपनी बॉडी को काफी मेनटेन करके रखा हुआ है। कम उम्र में बॉडी बिल्डिंग की और काफी कॉम्पिटिशन वे खेल चुके हैं। तो चलिए मिलते हैं अली पठान जी से।
लोनी के रहने वाले अली पठान जी की उम्र करीब 24 साल है। 24 साल की उम्र में उन्होंने खुद को इतना फिट और हेल्दी बना रखा है शायद ये कोई सोच नहीं सकता। जिस उम्र में आजकल के बच्चे मौज मस्ती करते हैं उस उम्र में अली पठान जी ने खुद को और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी संभाल रखा है। बता दें कि अली पठान जी का अपना खुद का एक जिम है और उसी में वे जिम ट्रेनर भी हैं। साथ ही वे अपने पिता का बिजनेस भी संभालते हैं। अपने दोनों काम अली पठान जी बहुत ही जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं। चलिए जानते हैं कि कैसा रहा उनका बॉडी बिल्डिंग का यहां तक का सफर।
साथियों बॉडी को मजबूत बनाने के लिए हर कोई जिम करना शुरू करता है। युवाओं में ये एक क्रेज बना हुआ है। लेकिन शरीर को मजबूत करने, अपनी इम्यूनिटी पॉवर को बढ़ाने और अपने मसल्स को ताकतवर बनाने के लिए क्या डाइट लेनी चाहिए ये बहुत कम लोग ही सोचते हैं। क्योंकि हर किसी को होड़ लगी है जल्दी से जल्दी अपनी बॉडी बनाने की। अली पठान जी ने 24 साल की उम्र में ही 70 से ज्यादा कॉम्पिटिशन खेल लिए हैं। वे अपनी जिम में आने वाले सभी युवाओं को सही डाइट लेने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि जो प्रोटीन घर के शुद्ध खाने में है वो बाजार के प्रोडक्ट में नहीं है। साथ ही आजकल के युवा जल्दी बॉडी को ग्रोथ करने के लिए तरह-तरह के इंजेक्शन का भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अली पठान जी इन सब चीजों के खिलाफ हैं। तो चलिए अब बात करते हैं अली पठान जी की।
अली पठान जी को जिम करते हुए काफी वक्त हो गया था। वो अपने शरीर के हिसाब से सही डाइट भी लेते हैं। लेकिन सुबह शाम जिम करना और युवाओं को जिम कराना। उसके बाद अपने पिता के साथ जाकर उनके काम में हाथ बटांना। आखिर इन सब के लिए स्ट्रोंग इम्यूनिटी की जरूरत तो पड़ेगी ही। अली पठान जी जिम के साथ प्रोटीन तो लेते ही थे लेकिन प्रोटीन लेने के बाद भी एक अजीब तरह की थकान उनके शरीर में बनी रहती थी। अली पठान जी का कहना है कि कभी कभी थकान इतनी हो जाती थी कि जिम जाने का मन ही नहीं करता था। लेकिन क्या करें वो एक जिम ट्रेनर जो थे। फिर उन्होंने अपने लिए कोई ऐसा इलाज ढूंढना शुरू किया जिससे उन्हें कमजोरी महसूस ही ना हो। और उनकी इम्यूनिटी भी मजबूत हो जाये। फिर वे पहुँचे शिलाजीत पर। शिलाजीत के बारे में उन्होंने अपने बुजूर्गों से भी सलाह ली। चूंकि ये एक आयुर्वेद औषधि है तो इसके साइड इफेक्ट होने का कोई मतलब ही नहीं। अली पठान जी ने शिलाजीत का सेवन शुरू किया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्हें पता चल गया कि शिलाजीत पहाड़ों में मिलती है और लोग नकली शिलाजीत बेचकर मोटा पैसा कमा रहे हैं। अब वे असली शिलाजीत की तलाश में जुट गये। फिर उनकी मुलाकात हुई आयुर्वेद में मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब से। जो कि दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे भारत में मशहूर हैं। भारत के साथ विदेश में भी हकीम जी के घरेलू नुस्खों का लोग इस्तेमाल करते हैं।
अली पठान जी ने हकीम जी के बारे में पता करना शुरू किया। लिहाजा वे एक जिम ट्रेनर और बॉडी बिल्डर हैं तो हर चीज की पूरी परख करने के बाद ही उसका इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने हकीम जी का बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी भी देखा। साथ ही गूगल और यूट्यूब पर उन्होंने हकीम जी के बारे में पता किया। चारों ओर से सकारात्मक रिजल्ट आने के बाद ही बिना किसी देरी के उन्होंने ATIYA HERBS से इस औषधि को मंगवा लिया। खरीदने के साथ ही उन्होंने इसे इस्तेमाल करने का तरीका भी जाना। अली पठान जी ने सुलेमानी शिलाजीत का इस्तेमाल करना शुरू किया। एक खास बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें सुलेमानी शिलाजीत से मात्र 15 दिन में आराम होना शुरू हो गया। जहां वे अपने जिम में केवल एक या दो घंटे जिम करते थे। वहाँ अब तीन से चार घंटे जिम करते हैं। लेकिन किसी तरह की कोई कमजोरी उन्हें महसूस नहीं होती। सुलेमानी शिलाजीत को इस्तेमाल करके उन्होंने अपनी जिंदगी बेहतर और अपने शरीर की इम्यूनिटी पॉवर बढ़ा ली है।
कई लोग ऐसे होते हैं कि शिलाजीत का नाम सुनते ही उसे सेक्सुअल समस्या से जोड़ देते हैं। लोग यही सोचते हैं कि अगर कोई व्यक्ति शिलाजीत का इस्तेमाल कर रहा है तो यकीनन उसे कोई ना कोई अंदरूनी समस्या है। लेकिन लोगों की ये सोच गलत है। अली पठान जी का कहना है कि शिलाजीत को लेकर लोगों की एक अलग सोच बन गयी है। लेकिन वे ये नहीं जानते कि शिलाजीत हमारे शरीर के लिए कितनी ताकतवर है। अली पठान जी ने जब खुद इसे इस्तेमाल किया तो उन्होंने शिलाजीत को 10 में से 10 नंबर दिये हैं। क्योंकि सुलेमानी शिलाजीत को अपनाने के बाद उन्होंने अपने जिम में कई लोगों को भी इसे इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन सभी लोगों को भी काफी आराम हुआ है। आज अली पठान जी के साथ दूसरे लोग भी जिन्होंने हकीम जी की सुलेमानी शिलाजीत इस्तेमाल की है स्वस्थ हैं और पूरी तरह से सेहतमंद हैं।
यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा
सुलेमानी शिलाजीत क्या है?
सुलेमानी शिलाजीत उन उत्पादों में से एक है जिसे माननीय हकीम जी के द्वारा तैयार किया गया है। हकीम सुलेमान खान को अपने मरीजों से बहुत अधिक मांग मिलने के बाद। शिलाजीत के फायदे कोई छुपे रहस्य नहीं हैं। शिलाजीत और विभिन्न शिलाजीत उत्पादों का उपयोग लोग सदियों से करते आ रहे हैं। हालाँकि, इनमें से अधिकांश उत्पाद शुद्ध शिलाजीत से बने होते हैं। इस सुलेमानी शिलाजीत को बनाने की प्रक्रिया में कोई अन्य रसायन, संरक्षक या कृत्रिम स्वीटनर/स्वाद/खुशबू शामिल नहीं है। दरअसल, अगर आप शिलाजीत की गुठली घर लाते हैं और उससे शिलाजीत का शरबत बनाते हैं, तो आपको वही उत्पाद मिलेगा जो इस बोतल में पैक है। तो, अब आपको भी शरीर में कमजोरी महसूस नहीं होगी।



